दुर्ग . असल बात news. दुर्ग जिले में भी रसोई गैस की उपलब्धता को सुनिश्चित करने तथा इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. जि...
दुर्ग .
असल बात news.
दुर्ग जिले में भी रसोई गैस की उपलब्धता को सुनिश्चित करने तथा इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. जिला खाद्य विभाग के द्वारा इस संबंध में शिकायत मिलने पर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है.इसी कड़ी में दो संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई है,जहां कई कार्य नियम विरुद्ध करते पाए गए हैं. यहां से लगभग 600 गैस सिलेंडर और 2841 ग्राम एलजी जप्त किया गया है. ऐसी कार्रवाई से रसोई गैस उपयोगिताओ को राहत मिल सकती है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण को निर्बाध रूप से बनाये रखने के लिए जिले में निरंतर छापेमारी की कार्यवाही के दौरान जिला खाद्य विभाग की टीम पापुशा गैस प्रा.लि. रसमड़ा तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड बेबी जांच करने पहुंची तो वहां उनके द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 की विभिन्न कंडिकाओं जैसे- एलपीजी के विक्रय का अप्राधिकृत कारोबार करने, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस उपस्करों के कब्जा, कार्यस्थल पर स्टाक और कीमत को प्रदर्शित नही करने, रजिस्टर का सही लेखा नही रखने, रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नही करना आदि का उल्लंघन पाया गया.इस पर 599 नग गैस सिलेंडर तथा 2841 किग्रा एलपीजी जप्त किया गया।
ग्राम पंचायत रसमड़ा के बोरई इंडस्ट्रीयल ग्रोथ सेंटर में स्थित पापुशा गैसेस प्रा.लि. की आकस्मिक जांच में पाया गया कि उक्त सेंटर में कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के द्वारा 02 विभिन्न ब्रांडों गो गैस एवं गैस प्वाइंट के नाम से गैस सिलेंडरों की सप्लाई डीलर के माध्यम से उपभोक्ताओं को की जाती है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली से भिन्न समानांतर विपणन प्रणाली के रूप में पापुशा गैसेस प्रा.लि. तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के द्वारा कार्य किया जाना पाया गया।
खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदौरिया से मिली जानकारी अनुसार फर्म की जांच में कुल 599 गैस सिलेंडर पाये गये। गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग के लिए 03 बुलेट भी पाये गये जिसमें 2841 कि.ग्रा. एलपीजी भंडारित होना पाया गया। जांच के समय फर्म में विभिन्न सिलेंडरों में पेंटिंग का काम किया जा रहा था तथा सिलेंडरों के नेट वेट, टेयर वेट तथा सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही थी। मांगे जाने पर उक्त कार्य से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया। फर्म के द्वारा प्रस्तुत स्टाक पंजी तथा भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया। फर्म के मैनेजर द्वारा जानकारी दी गई कि अतुल रबर को डीलर के रूप में उनके द्वारा सप्लाई की जाती है किन्तु उक्त डीलर के वैधता अथवा करार किये जाने आदि के संबंध में कोई भी दस्तावेज नही दिया गया। इस प्रकार उक्त फर्म का समानांतर विपणनकर्ता के रूप में कार्य करना पाया गया किन्तु फर्म के द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी नही दी गई और न ही रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। फर्म के द्वारा कलेक्टर दुर्ग को किसी प्रकार की जानकारी नही दी जा रही है।




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