Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026,भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन,देवराकोंडा प्रेम सागर और सोरम हिटलर टाग्रू ने दिखाया दमखम, रायपुर में शानदार प्रतिस्पर्धा का रहा रोमांच

  रायपुर  . असल बात news.   28 मार्च 2026. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल मैदान रायपुर में ...

Also Read

 



रायपुर  .

असल बात news.  

28 मार्च 2026.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल मैदान रायपुर में आयोजित पुरुष 88 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया और कड़े मुकाबले देखने को मिले।

इस प्रतिस्पर्धा में अरुणाचल प्रदेश के रुबा ताडु ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 274 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 117 किग्रा तथा क्लीन एंड जर्क में 157 किग्रा वजन उठाकर शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।

          दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के देवरकोंडा प्रेम सागर रहे, जिन्होंने कुल 270 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। वहीं अरुणाचल प्रदेश के ही सोरम हिटलर टाग्रू ने 262 किलोग्राम के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक हासिल किया।

प्रतियोगिता में ओडिशा के सनातन मलिक (249 किग्रा) चौथे स्थान पर रहे, जबकि असम के प्रीतम सोनोवाल (248 किग्रा) ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश के पृथ्वीराज चौहान (226 किग्रा) छठे स्थान पर रहे।

            इसके अलावा त्रिपुरा के डेनियल जमातिया (192 किग्रा), गोवा के एलेस्टर गोम्स (152 किग्रा), तेलंगाना के सिद्दाबोइना नवीन (146 किग्रा) और छत्तीसगढ़ के छत्रपाल ठाकुर (130 किग्रा) ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने-अपने प्रदर्शन से अनुभव हासिल किया।

           इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच खेल भावना और एकता को भी मजबूत किया।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।