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न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्णय देना नहीं, बल्कि समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय प्रदान करना है-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग

  ’’स्पीडी ट्रायल इन केसेस एण्ड द सक्सेशन एक्ट’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन दुर्ग  . असल बात news.   25 फरवरी 2026. जिला न्यायालय परिसर,दुर्ग ...

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’’स्पीडी ट्रायल इन केसेस एण्ड द सक्सेशन एक्ट’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन

दुर्ग  .

असल बात news.  

25 फरवरी 2026.

जिला न्यायालय परिसर,दुर्ग में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के तत्वावधान में ’’स्पीडी ट्रायल इन केसेस एण्ड द सक्सेशन एक्ट’’ विषय पर विधिक सेमीनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सेमीनार का उद्देश्य सिविल प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा उत्तराधिकार से संबंधित मामलों में प्रभावी एवं समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने अपने संदेश में कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्णय देना नहीं, बल्कि समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय प्रदान करना है। 

सेमीनार में वक्ताओ के द्वारा सिविल प्रकरणों के त्वरित निष्पादन की न्यायिक कार्यप्रणाली तथा उत्तराधिकार अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के समक्ष उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक समस्याओं तथा उनके समाधान पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने अपने संदेश में कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्णय देना नहीं, बल्कि समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय प्रदान करना है। सिविल प्रकरणों का त्वरित निराकरण न्यायपालिका की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, क्योंकि विलंब से पक्षकारों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और न्यायालयों के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। उत्तराधिकार संबंधी प्रकरणों में विधिक स्पष्टता तथा संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है।यह सेमीनार न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।