वार्षिक उत्सव उमंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह मेधावी विद्यार्थियों ने रचा उत्कृष्टता का नया इतिहास भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्व...
वार्षिक उत्सव उमंग एवं पुरस्कार वितरण समारोह मेधावी विद्यार्थियों ने रचा उत्कृष्टता का नया इतिहास
भिलाई .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति प्रो. डॉ. संजय तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. वीना सिंह राजपूत प्राचार्य, श्री शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय, डॉ. वी. सुजाता प्राचार्य, जगतगुरु शंकराचार्य महाविद्यालय एवं डॉ. रविना देथे उप-प्राचार्य श्री शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय उपस्थित रहे।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने वर्ष भर संचालित शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, शोध, विस्तार गतिविधियों एवं प्लेसमेंट से संबंधित उपलब्धियों का विस्तृत वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राध्यापकों की शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम, रोजगार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा संस्थान की सतत प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सफलता समस्त स्टाफ, विद्यार्थियों एवं प्रबंधन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं विश्वविद्यालय प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष बधाई देते हुए उन्हें महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. संजय तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुरस्कार वितरण समारोह कोई पड़ाव नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की नई मंजिल है। विद्यार्थियों के जीवन में माता-पिता और गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है, इसलिए अध्ययन कक्ष में उनके चित्र अवश्य होने चाहिए, क्योंकि यही वे व्यक्तित्व हैं जो विद्यार्थियों की सफलता में अपनी सफलता का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान असीमित है, परंतु उसका सही उपयोग करना ही वास्तविक शिक्षा है। लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने से ही सफलता प्राप्त होती है। असफलता यह संकेत देती है कि प्रयासों में कहीं कमी रह गई है, इसलिए स्वयं सफल बनें और दूसरों को भी सफलता के लिए प्रेरित करे उन्होंने महाविद्यालय के विद्यार्थियो के उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियो के मेहनत एवं प्राध्यापको के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया उन्होंने कहा की महाविद्यालय न केवल विद्यार्थियो को शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करा रहा है बल्कि विद्यार्थियो के व्यक्तित्व विकास के लिए भी संकल्पित है
शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनीशा शर्मा ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, मूल्यपरक शिक्षा, नवाचार एवं कौशल उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
औपचारिक समारोह के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम “उमंग” का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बी.कॉम. द्वितीय सेमेस्टर की नम्रता देवतारे द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुई, जिसने सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात भूमिका साहू द्वारा प्रस्तुत “आई गिरि नंदिनी” नृत्य ने सभागार को भक्तिमय बना दिया।
एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने 1960 से 1990 तक के सदाबहार गीतों पर आधारित रेट्रो थीम की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा। अन्य आकर्षक प्रस्तुतियाँ ने सभागार को लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया एवं राष्ट्रीय भावना का संचार किया।
समारोह में विद्यार्थियो को प्राप्त स्वर्ण पदक एवं संस्थागत पुरस्कार का विवरण - शैक्षणिक सत्र 2023–24
अभिषेक मिश्रा स्मृति पुरस्कार – दीपिका कर (बी.एड.), डॉ. प्रशांत शुक्ला स्मृति पुरस्कार – पांडवा भाग्यश्री (बीबीए), डॉ. प्रशांत शुक्ला स्मृति पुरस्कार – डिम्पल देवांगन (एम.एससी. गणित), श्री सुरेन्द्रनाथ सिरमौर स्मृति पदक – नेहा राय (बी.कॉम.), श्री सुरेन्द्रनाथ सिरमौर स्मृति पदक – अंजली शर्मा – हिंदी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट योगदान, श्री अख्तर बेग इक़रा पुरस्कार – पूजा साहू (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी), ई. एस. खारचे स्मृति पुरस्कार – नम्रता देवांगना, चेयरमैन अवार्ड – हेमलता (एम.एससी. रसायन), ट्रस्टी अवार्ड – प्रतिभा पाण्डेय (बी.एड.) एवं प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त विद्यार्थी - दीपिका कर (बी.एड.) – प्रथम स्थान, अदिति आदिल (बी.एड.) – तृतीय स्थान, पांडवा भाग्यश्री (बीबीए) – तृतीय स्थान, हेमलता (एम.एससी. रसायन) – चतुर्थ स्थान, मिताली उमरेडकर (बीबीए) – चतुर्थ स्थान, पूजा साहू (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी)– पाँचवाँ स्थान, डिम्पल देवांगन (एम.एससी. गणित)– छठा स्थान, सपना शर्मा (एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी)– छठा स्थान, अंजली शर्मा (बीबीए) – छठा स्थान, प्रतिभा पाण्डेय (बी.एड.) – सातवाँ स्थान, नीलिमा ठाकुर (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी) – सातवाँ स्थान, पूनम (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी)– आठवाँ स्थान, नेहा राय (बीकॉम)– नौवाँ स्थान।
शैक्षणिक सत्र 2024–25 के स्वर्ण पदक एवं संस्थागत पुरस्कार - अभिषेक मिश्रा स्मृति पुरस्कार – सुश्री श्रुति वैष्णव, डॉ. प्रशांत शुक्ला स्मृति पुरस्कार – श्री गौरव शर्मा (बीकॉम), डॉ. प्रशांत शुक्ला स्मृति पुरस्कार – श्री हर्षित जैन (बीसीए), श्री सुरेन्द्रनाथ सिरमौर स्मृति पदक – पायल वर्मा (बीकॉम), श्री सुरेन्द्रनाथ सिरमौर स्मृति पदक – अदिति पांडे (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी) – हिंदी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट योगदान, श्री अख्तर बेग इक़रा पुरस्कार – सुश्री श्रुति वैष्णव (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी), ई. एस. खारचे स्मृति पुरस्कार – ऋषभ मिश्रा (बीसीए), चेयरमैन पुरस्कार – सुश्री श्रुति वैष्णव (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी), ट्रस्टी पुरस्कार – चारू भुआर्या (बी.एड.), श्रीमती सुशीला शर्मा पुरस्कार – चारू भुआर्या (बी.एड.) एवं विश्वविद्यालय प्रावीण्य सूची - श्रुति वैष्णव (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी) – प्रथम स्थान (स्वर्ण पदक), शैरी जांभुलकर (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी)– पाँचवाँ स्थान, खुशी चौधरी (एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी)– छठा स्थान, श्रद्धा साहू (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी)– छठा स्थान, गौरव शर्मा – छठा स्थान, अनुपमा यादव (एम.एड.) – आठवाँ स्थान, शुभांजलि सोनी (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी)– नौवाँ स्थान, रश्मि चंद्राकर (एम.एससी. गणित)– दसवाँ स्थान।
अन्य उपलब्धियाँ में चंचल सिन्हा. अरबाज़ खान एवं अब्दुल हामिद को सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालय उपयोगकर्ता का पुरस्कार दिया गया ।




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