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दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब, शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई; भाजपा विधायक भी कर चुके हैं गुहार

  जगदलपुर। बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा में शराब की अवैध बिक्री का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस विधानसभा के विधायक विनायक गोयल की...

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 जगदलपुर। बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा में शराब की अवैध बिक्री का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस विधानसभा के विधायक विनायक गोयल की लगातार शिकायत के बावजूद क्षेत्र के लौंहडीगुड़ा, बस्तानार और तोकापाल ब्लॉक में लगातार छोटे-छोटे किराने दुकानों और ढाबा में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है और इस पर ना ही पुलिस प्रशासन और ना ही आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम कार्रवाई कर रही है।

आलम यह है कि किराना दुकानों में छोटी-छोटी बच्चियों के हाथों शराब की बिक्री की जा रही है। ताजा मामला किलेपाल में स्थित जनपद पंचायत के सामने मौजूद किराना स्टोर और बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक के बगल में मौजूद किराना स्टोर से आया है, जहां एक नाबालिग शराब की बिक्री करते दिखाई दी। बकायदा इस किराने की दुकान में दुकानदार ने बड़ी मात्रा में शराब स्टोर कर रखा है। वहीं दूसरी तरफ एक किराने की स्टोर में एक महिला दुकानदार युवकों को बियर बेचते दिखाई दी। बताया जा रहा है कि लंबे समय से यहां अवैध शराब की बिक्री चल रही है, लेकिन कोड़ेनार थाना कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।






अफसर बोले – मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी

इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी रविकांत जायसवाल का कहना है कि मामला संज्ञान में लाने के बाद इसकी जांच की जा रही है। बालिक हो या नाबालिग, अवैध शराब की बिक्री एक गंभीर अपराध है। इस पर जांच कर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

हाथ पर हाथ धरी बैठी है प्रशासन की टीम

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भाजपा विधायक विनायक गोयल ने उनके विधानसभा में धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री करने की जानकारी मीडिया को दी थी। उन्होंने यह भी बताया था कि मौखिक रूप से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं अब लगातार चित्रकोट विधानसभा के अलग-अलग इलाकों से इस तरह के वीडियो निकलकर सामने आ रही है, जिसमें खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है। आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम और बस्तर पुलिस प्रशासन की टीम हाथ पर हाथ धरी बैठी हुई है। खास बात यह है कि इस अवैध शराब की बिक्री के मामले में पुलिस के आला अधिकारियों ने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया है।