▪️ पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के समस्त थानों की क्राइम मीटिंग आयोजित ▪️ बैठक में समस्त थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति ▪...
▪️ पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के समस्त थानों की क्राइम मीटिंग आयोजित
▪️ बैठक में समस्त थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति
▪️ अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता एवं वैधानिक कार्यवाही पर विशेष निर्देश
▪️ लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण एवं प्रभावी पुलिसिंग पर विशेष जोर
दुर्ग .
असल बात news.
दुर्ग जिले में पुलिस प्रशासन के कामकाज में कसावट लाने और समुचित बनाने,आज सख्त निर्देश दिए गए हैं.जिला पुलिस अधीक्षक ने अपने क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की बैठक ली है. इस बैठक में पुलिस अधीक्षक में सभी थाना प्रभारी को प्रतिदिन सुबह अथवा शाम को थाना के गणना में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने,गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों की राजपत्रित अधिकारियों को समय पर अनिवार्य रूप से सूचना देने तथा थाना प्रभारी को रात में मुख्यालय में ही रहने के साथ कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं.गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में त्वरित निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सूनिश्चित करने को कहा गया है.
पुलिस अधीक्षक,दुर्ग के द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम,दुर्ग में जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) ली गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, लंबित अपराधों एवं प्रकरणों की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही तथा प्रशासनिक अनुशासन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, गवाहों के कथन, तकनीकी साक्ष्य तथा वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन किया जाए।
आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों एवं वारंटियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही करने, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों एवं जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित अपराधों, चालान एवं न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए है।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश :
0. स्थानीय स्तर पर प्राप्त जन-शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
0. गंभीर प्रकृति के मामलों में थाना प्रभारी स्वयं प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे।
0. समस्त आरक्षक A B नोटबुक का संधारण करेंगे, जिसका साप्ताहिक निरीक्षण थाना प्रभारी द्वारा किया जाएगा।
0. थाना प्रभारी द्वारा थाना मुख्यालय में ही रात्रि मुकाम सुनिश्चित किया जाए।
0. अवैध नशे, मादक पदार्थों एवं नशा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी एवं सतत कार्यवाही की जाए।
0. वर्तमान विधानसभा सत्र को दृष्टिगत रखते हुए बीट व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए तथा बीटों प्रभारी को उचित दिशा निर्देश प्रदान किया जाएगा।
0. पुलिस कार्यालय से प्राप्त पत्राचार का समय-सीमा में अवलोकन कर आवश्यक जवाब प्रस्तुत किया जाए।
0. नेफिस (NAFIS) प्रणाली में को बीट सिस्टम के माध्यम से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
0. गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध NDPS एवं आबकारी अधिनियम के अंतर्गत निरंतर कार्यवाही कर जब्त सामग्री का विधिवत नष्टीकरण कराया जाए।
0. धारा 41(1-4) के अंतर्गत जप्त वाहनों तथा धारा 34(2) आबकारी के अंतर्गत जप्त शराब के नष्टीकरण की वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र निराकरण किया जाए।
0. ई-चालान, ई-समन एवं ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
0. लंबित प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों एवं मर्ग प्रकरणों का शीघ्र एवं विधिसम्मत निराकरण किया जाए।
0. रात्रि कालीन गस्त ड्यूटी का प्वाइंट बढ़ाना है ।
0. थाने में आने वाले सभी लोगों से सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाये।
पुलिस अधीक्षक के द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर राजपत्रित अधिकारियो को अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देश दिया गया है।




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