रायपुर . असल बात news. पोकसो एक्ट के अपराध कम नहीं हो रहे हैं न्यायालय के द्वारा इसके प्रकरणों में दोष सिद्ध होने आरोपियों को सख्त से स...
रायपुर .
असल बात news.
पोकसो एक्ट के अपराध कम नहीं हो रहे हैं न्यायालय के द्वारा इसके प्रकरणों में दोष सिद्ध होने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा सुनाई जा रही है.यहां 25 साल के युवक को पोकसो एक्ट के अपराध में दोष सिद्ध होने पर 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश के न्यायालय ने यह सजा सुनाई है.न्यायालय ने अपराध की गंभीरता व प्रकरण की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देना उचित माना.यह आरोपी गिरफ्तारी के बाद से लगातार न्यायिक हिरासत में है.
यह प्रकरण आरक्षी केंद्र गुढ़ियारी जिला रायपुर के अंतर्गत का 4 फरवरी 2024 का है.प्रकरण में न्यायालय के द्वारा दो साल के पहले सजा सुना दी गई है.अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि आरोपी ने 12 वर्ष से कम आयु कि अयस्क अभियोकत्री के साथ घरेलू संबंध रखते हुए अपने मकान में जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाकर ब्लॉतसंग कारित किया.पीड़िता की माता ने पीड़िता को उस दिन सुबह लगभग 10:00 बजे पड़ोस में ही रहने वाले एक परिचित के यहां छोड़कर आपस चली गई थी और रात में लगभग 9:00 बजे वापस घर लौटी तब उसे बालिका के साथ गलत काम होने की जानकारी मिली. बालिका ने अपनी माता को बताया कि पड़ोस में रहने वाले चाचा ने उसके साथ गलत काम किया है.पीड़िता की माता के द्वारा उसका समीप के एक अस्पताल ले जा कर चेकअप कराया गया तब डॉक्टर ने भी गलत काम होने की पुष्टि की. इसके बाद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2),376 (3), और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6एवं 5 (ढ )के अपराध का दोषी पाया गया. इसके अपराध में आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. न्यायालय ने पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर राशि प्रदान करने का भी निर्देश दिया है.


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