भिलाई असल बात news. यह नगर निगम भिलाई का काम है. चित्रों को देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा की फेंसिंग की यह जाली कोई उखाड़ कर ले गया है.लेकिन ...
असल बात news.
यह नगर निगम भिलाई का काम है. चित्रों को देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा की फेंसिंग की यह जाली कोई उखाड़ कर ले गया है.लेकिन ऐसा नहीं है.फेंसिंग पर कुछ काम तो कर दिया गया है लेकिन यह जालियां, पिछले महीने भर से नहीं लगाई गई हैं और काम आधा अधूरा पड़ा हुआ है. हां चोरी की बात कर रहे हैं तो बता दें कि इस स्थान से लगभग 4 महीने पहले, यहां से जालियां चोरी हो गई थी और शायद इसके बाद नगर निगम प्रशासन को सुध आई तो यहां नया बाड़ बनाने का काम किया जा रहा है. वैसे स्थानीय रहवासियों को यह काम पैसे की बर्बादी ही लग रहा है. क्योंकि 4 महीने पहले जो जलीय चोरी हुई उसकी कोई रिपोर्ट तक नहीं दर्ज कराई गई है ना कोई चिंता की गई. और अब यहां जालियां लगाने का काम औचित्यहीन ही लग रहा है.
ऐसे कार्यों को देखेंगे तब आपको समझ में आएगा कि नगर निगम भिलाई का काम कैसे होता है और भिलाई क्षेत्र में विकास क्यों नहीं दिखता है.यह प्रियदर्शनी परिसर वेस्ट की तस्वीरें हैं.यहां एक-एक बड़े हिस्से को गार्डन के रूप में विकसित किया गया है. यह गार्डन बरसों पहले से तैयार किया गया है जिसमें लगाए गए वृक्ष अब काफी बड़े हो गए हैं. लगभग 10 साल पहले इस गार्डन में जालियां लगाकर बेरीकेटिंग किया गया था. बताया जा रहा है कि चार-पांच महीने पहले कबाड़ी चोर यहां की जालियां काटकर ले गए चोरी हो जाने के इस मामले में निगम प्रशासन ने क्या कार्रवाई किया नहीं मालूम.चोर बेधड़क होकर यहां से जालियां काट कर ले जाते रहे.
निगम प्रशासन ने पता नहीं कैसे सोचा कि यहां फिर से जाली लगानी चाहिए और इसका काम शुरू कर दिया गया. इसके कुछ हिस्से में जहां से चोर एंगल और जालियां चोरी कर ले गए हैं वहां के कुछ हिस्सों में फिर से लोहे का एंगल लगाकर जालियां लगा दी गई हैं. लेकिन अभी आधा काम अधूरा ही पड़ा है. आधा काम इस तरह से पड़ा हुआ है कि वहां से फिर चोरी होने लगे तो उससे इनकार नहीं किया सकता.






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