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स्वरूपानंद महाविद्यालय में सांझा चूल्हा का आयोजन, सांस्कृतिक एकता और समरसता का अनूठा संगम

भिलाई . असल बात news.  स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में शिक्षा विभाग जाति भेद निवारण समिति तथा मानसिक स्वास्थ्य उन्नयन एवं परा...

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भिलाई .

असल बात news. 

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में शिक्षा विभाग जाति भेद निवारण समिति तथा मानसिक स्वास्थ्य उन्नयन एवं परामर्श समिति के सहयोग एवं मार्गदर्शन में " सांझा चूल्हा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम" का आयोजन का आयोजन किया गया।

जातिगत भेदभाव निवारण समिति, मानसिक स्वास्थ्य उन्नयन समिति एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सांझा चूल्हा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समरसता सद्भाव तथा अनेकता में एकता की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी जिनमें पंजाबी, छत्तीसगढ़ी,असमिया,बंगाली,बिहारी, दक्षिण भारतीय गीतों के साथ-साथ शास्त्रीय नृत्य की भी आकर्षक प्रस्तुति शामिल थी इन प्रस्तुतियों ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को उजागर किया बल्कि विविध संस्कृतियों के सुंदर संगम को भी प्रदर्शित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने मिलकर पकोड़े  और चाय बनाए जिसका आनंद बिना किसी भेदभाव के पंगत में बैठकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने लिया।जिसने उनके मन में अपनत्व एवं समरसता की भावना को और गहरा किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे जिनमें विविध भारतीय भाषाओं एवं परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिली। श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ  मोनिशा शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना की तथा कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों में भारत की संस्कृति की झलक है, ताल और लय  के रिंदम से उनकी कलात्मक प्रतिभा का विकास होता है अतः इस प्रकार के कार्यक्रम महाविद्यालय में समय-समय पर कराए जाने चाहिए।

 महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि जातिगत भेदभाव के उन्मूलन  एवं विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है। कार्यक्रम की संयोजिका तथा महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. अजरा हुसैन ने कहा की "सांझा चूल्हा" की अवधारणा ने  सामूहिकता साझेदारी परस्पर सहयोग और समाज में प्रेम व सद्भावना फैलाने के उद्देश्य को अत्यंत प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया ।इस आयोजन ने यह सिद्ध किया की सांस्कृतिक विविधता केवल हमारी पहचान ही नहीं बल्कि हमारी सबसे बड़ी शक्ति भी है। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में जाति भेद निवारण समिति मानसिक स्वास्थ्य उन्नयन समिति तथा शिक्षा विभाग के सभी प्राध्यापकों ने अपना योगदान दिया।