ई-केवाईसी नहीं होने के चलते महतारी वंदन योजना की राशि पाने से वंचित महिलाओं कोकेवाईसी के बाद मिल जाएगी पूरी राशि 00 ई केवाईसी होने के बाद ...
ई-केवाईसी नहीं होने के चलते महतारी वंदन योजना की राशि पाने से वंचित महिलाओं कोकेवाईसी के बाद मिल जाएगी पूरी राशि
छत्तीसगढ़ .
असल बात news.
अभी हजारों हितग्राही महिलाओं को ई केवाईसी नहीं होने की वजह से महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिल रही है.लेकिन इन हितग्राहियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है.इन्हें इसकी राशि पूरी मिल जाएगी.यह ई- केवाईसी हो जाने के बाद इन हितग्राही महिलाओं को इसकी बकाया पूरी राशि भी मिल जाएगी. आज यहां पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे ने उक्ताशय की जानकारी दी है.उन्होंने बताया कि पात्र महिला हितग्राहियों को पूरी राशि मिल जाएगी. विभाग के द्वारा इस योजना के हितग्राहियों का शीघ्र ई केवाईसी करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. यह हो जाने के बाद हितग्राहियों की जो भी बकाया राशि है उन्हें पूरी राशि मिल जाएगी. उन्होंने यह भी बताया है कि राज्य सरकार के नए हितग्राहियों के लिए फिर से पोर्टल खोलने की योजना है..
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे ने, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के 2 वर्ष में पूरे होने के अवसर पर आज यहां पत्रकारों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने विभाग की उपलब्धियां,कार्यों और योजनाओ के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के आत्म सम्मान और सपनों को साकार करने का एक माध्यम बन गया है.चुनाव के पहले जो वादा किया गया था उसके अनुरूप प्रदेश में सरकार बनने के बाद यह योजना तत्काल लागू की गई. अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस योजना की राशि प्रत्येक माह पात्र हितग्राही महिलाओं के खाते में पहुंच रही है.
उन्होंने बताया कि लगभग 69 लाख 32हजार 123 महिलाओं को इस योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है. अभी योजना के पात्र हितग्राहियों में से 65 लाख 2 हजार 47हितग्राहियों ने खाद्य विभाग से ई केवाईसी कराया है. शेष 4 लाख 18621 इजराइल का विवाह के द्वारा ई केवाईसी कराया जा रहा है. अब केवल 69हजार 279 हितग्राहियों का ई केवाईसी किया जाना शेष रह गया है.जिन हितग्राहियों के ई केवाईसी हो जा रहे हैं उन्हें बकाया पूरी राशि भी मिल जा रही है.
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है।
महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।



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