कवर्धा,असल बात उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा ₹07.95 करोड...
कवर्धा,असल बात
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा ₹07.95 करोड़ की राशि जारी की गई है इस प्रकार कारखाना द्वारा कुल 39.84 करोड़ का भुगतान अब तक जारी किया जा चुका है। इस प्रकार किसानों को नियमित एवं समयबद्ध भुगतान मिलने से क्षेत्र में संतोष और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में गन्ना किसानों को लगातार भुगतान किया जा रहा है, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है। कारखाना प्रबंधन ने बताया कि भुगतान की यह निरंतरता किसानों की आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ कारखाने के संचालन को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
पेराई व उत्पादन में निरंतर प्रगति
पेराई सत्र की स्थिति पर जानकारी देते हुए कारखाना प्रबंधन ने बताया कि अब तक 196,010 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2,24,157 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है।यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम है।
*सहकारिता की भावना को मजबूत करने की अपील*
इसी क्रम में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने अपने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की सकारात्मक अपील की है। प्रबंधन ने इसे किसी प्रकार की चेतावनी नहीं, बल्कि सहकारिता को मजबूत करने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का साझा अवसर बताया है।
कारखाना प्रबंधन ने बताया कि विगत पेराई सत्र 2024-25 एवं वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को आगे भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
*उपविधि में निहित सदस्यता प्रावधानों का उल्लेख*
कारखाना प्रबंधन ने कारखाने की पंजीकृत उपविधियों का हवाला देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) में यह प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इन प्रावधानों का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि सहकारी संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना है।
किसानों के हित में सतत प्रयास
कारखाना प्रबंधन ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना अपनी स्थापना से ही क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और किसानों के सहयोग से कारखाना निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।कारखाना द्वारा FRP के अतिरिक्त रिकवरी की राशि,शासन द्वारा जारी बोनस राशि का भी भुगतान किया जाता है। शक्कर कारखाना द्वारा किसानों को शासन के सहयोग से रियायती दर पर शक्कर वितरण भी किया जाता है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने हेतु किसानों के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाता है,गन्ना किसानों को गन्ना संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।किसानों के लिए कारखाना परिसर में सर्व सुविधा युक्त बलराम सदन का निर्माण किया गया है।कारखाना परिसर में श्रमिकों एवं किसान भाइयों के लिए केवल 5 रुपए में गरम भोजन के लिए कैंटीन शुरू की गई है। इस प्रकार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन किया जाता है।
अगर कारखाना द्वारा पेराई लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाए तो कारखाने का अस्तित्व संकट में आ सकता है,इसलिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने सभी शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से आह्वान किया कि वे सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति कर सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाएं और क्षेत्र के गन्ना किसानों के उज्ज्वल भविष्य में सहभागी बनें।
असल बात,न्यूज


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