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स्वरूपानंद महाविद्यालय में 'वीर बाल दिवस' पर साहिबजादों के बलिदान को किया गया नमन

  भिलाई . असल बात news.   स्वामी श्री स्वारूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, में दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों - बाबा जोरावर स...

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 भिलाई .

असल बात news.  

स्वामी श्री स्वारूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, में दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों - बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में 'वीर बाल दिवस' अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती ज्योति मिश्रा, सहायक प्राध्यापक कला विभाग ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा की वीर बाल दिवस के आयोजन से हम वर्तमान पीढ़ी को बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के त्याग और बलिदान से परिचित करा सकते है ऐसे आयोजन से विद्यार्थी में राष्ट्रीय प्रेम की भावना जागृत कर सकते है।  

कार्यक्रम की शुरुआत में साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर हुडको के निर्देशक डॉ दीपक शर्मा एंव मोनिशा शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, "साहिबजादों का बलिदान हमें धर्म, राष्ट्र और मानवता के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ हंसा शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इन वीर नायकों के जीवन से नैतिकता, धैर्य और साहस की सीख लेनी चाहिए। 

इतनी छोटी उम्र में उन्होंने जिस वीरता का परिचय दिया, वह विश्व इतिहास में विरल है।"

छात्र-छात्राओं में वीरता और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गयाः

नारा लेखन : "भारत के गौरवशाली इतिहास में साहिबजादों का स्थान" विषय पर एक नारा लेखन आयोजित की गई।

प्रथम स्थान: कीर्ति पानडे ( बी.ए अंतिम वर्ष,  

द्वितीय स्थान: प्रिया परमार ( बी.ए अंतिम वर्ष)

सामूहिक संगोष्ठी : विद्यार्थियों ने सामूहिक चर्चा के माध्यम से साहिबजादों के जीवन संघर्ष को जीवंत किया।

प्रथम स्थान: हर्षदीप ( बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर)

दितीय  स्थान: आर्यव स्वामी ( बी.बी ए तृतीय सेमेस्टर)

तृतीय स्थान: ( बी.काॅम अंतिम वर्ष)

 कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के समस्त शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।