रायपुर . असल बात news. 0 विधि संवाददाता मेलजोल बढाकर नवजात शिशु का दुर्व्यॉपार करने व्यपहरण कर लेने के प्रकरण में दो अभियुक्तों को...
रायपुर .
असल बात news.
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मेलजोल बढाकर नवजात शिशु का दुर्व्यॉपार करने व्यपहरण कर लेने के प्रकरण में दो अभियुक्तों को दोषसिद्ध पर10- 10 साल की सजा सुनाई गई है.यह रायपुर में लगभग 11महीने पहले जनवरी 2025 की घटना है. चतुर्थ अपर न्यायाधीश रायपुर श्री बृजेश राय के न्यायालय ने यह सजा सुनाई है.न्यायालय ने नवजात शिशुओ की तस्करी और व्यपहरण के प्रकरणों में लगातार हो रही अत्यधिक वृद्धि को देखते हुए इस अपराध में आरोपियों को सजा देने में नरमी बरतना उचित नहीं माना. प्रकरण में एक आरोपी को साक्षय के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है.
अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रकरण का तथ्य इस प्रकार है कि प्राथिया नीता रात्रे को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायपुर के वार्ड एक में डिलीवरी हेतु 3 जनवरी 2025 को भर्ती कराया था और उसने उसी दिन वहां बच्चे को जन्म दिया था.यहीं आरोपियों ने एक छोटी बच्ची के साथ आकर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ मेलजोल बढ़ा लिया और दूसरे दिन सभी ने साथ मिलकर खाना भी खाया.प्रार्थीया और उसकी सास उस दिन दोपहर में लगभग 1:00 बजे खाना खाने के बाद हाथ धोने बाथरूम गए थे तब जाकर देखा कि उनके नवजात शिशु का व्यपहरण हो गया है. इसके उन्होंने स्थानीय मौदहा पारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपियों को दूसरे दिन गिरफ्तार कर लिया इसके बाद से उन्हें जेल भेज दिया गया.
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (2),143(4) और सहपठित धारा 3(4 ) का अपराध कायम किया गया.दोष सिद्ध होने पर आरोपियों रानी साहू और पायल साहू को धारा 143(4) के अपराध में 10 साल और धारा 137 (2) के अपराद में 7 साल की सजा सुनाई गई है. दोनों सजाएं एक साथ चलेगी.
न्यायालय इस प्रकरण में तेजी से विचारण और सुनवाई करते हुए एक साल के भीतर निर्णय सुना दिया है.
वैसे ऐसे मामलों से यह भी सवाल भी उठता रहा है कि क्या इसमें किसी अंतरराज्यीय गिरोह का भी तो हाथ नहीं है और वह अपराधी का पकड़े जाएंगे. शासन प्रशासन के द्वारा इन्हें पकड़ने के लिए भी कुछ किया जाएगा क्या...??


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