कवर्धा,असल बात कवर्धा,। कवर्धा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित भागूटोला गांव के ग्रामवासियों ने घुमंतू पशुओं की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के...
कवर्धा,असल बात
कवर्धा,। कवर्धा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित भागूटोला गांव के ग्रामवासियों ने घुमंतू पशुओं की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए एक अनूठी मिसाल पेश की है। यहां पर गांव वालों ने पहल करते हुए गांव के आसपास सड़कों पर विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं की देखरेख का जिम्मा उठाया है। इसके लिए उन्होंने सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के साथ बारी-बारी से पशुओं को चराने और देखभाल करने की व्यवस्था शुरू की है। ग्रामवासियों की इस पहल की सराहना करते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि यह कार्य न केवल मानवता का प्रतीक है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और पशुओं की बेहतर देखरेख भी संभव होगी। उन्होंने जिले के अन्य गांव वालों से भी इस प्रकार की पहल करने का आग्रह किया है। देव पूर्णिमा के अवसर पर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू भागूटोला पहुंचकर पशुओं को पारंपरिक सुहई पहनाकर पूजा-अर्चना की और ग्रामवासियों की इस पहल की प्रशंसा की। यह पहल गांव के लोगों में संवेदना, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की जीवंत मिसाल बन गई है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि ग्राम भागूटोला के निवासियों ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए घुमंतू पशुओं को एक स्थान पर रखने और उनकी देखभाल की अनूठी व्यवस्था शुरू की है। गांव के लोग मिलकर सड़कों और आस-पास विचरण करने वाले पशुओं को गांव के खाली स्थान पर सुरक्षित रखते हैं, जहां उनकी चारापानी की समुचित व्यवस्था की गई है। ग्रामवासी बारी-बारी से आठ से दस व्यक्तियों का समूह बनाकर इन पशुओं को चराने, खिलाने और देखरेख करने का कार्य करते हैं। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है, जिससे न केवल पशु संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुरूप देव पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गांव के लोगों के साथ मिलकर गौ माता को सुहई बांधकर पूजा-अर्चना की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम भागूटोला में ग्रामवासियों द्वारा गौमाता की पूजा और सुहई बांधने का कार्य श्रद्धा और परंपरा के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों द्वारा घुमंतू पशुओं को एक स्थान पर रखकर उनकी सेवा और देखभाल करने की जो पहल की गई है, वह सराहनीय और अनुकरणीय है। यह न केवल पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि समाज में गौसेवा और संरक्षण की भावना को भी मजबूती प्रदान करती है। अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भागूटोला के ग्रामवासियों की यह पहल अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और इससे हमारा गोवंश अधिक सुरक्षित रहेगा। उन्होंने ग्रामवासियों की सामूहिक एकता और सेवा भाव की प्रशंसा की।
ग्राम भागूटोला के निवासी श्री पवन पटेल ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले सभी ग्रामवासियों ने मिलकर यह निश्चय किया कि गांव और उसके आसपास सड़कों पर विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं की देखरेख की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे। इसके लिए सभी ने सामूहिक रूप से आगे आने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि इस पहल की शुरुआत के बाद से ही गांव में यह तय किया गया कि प्रतिदिन बारी-बारी से ग्रामीणों का एक समूह इन पशुओं को चराने, भोजन कराने और देखभाल करने का कार्य करेगा। वर्तमान में गांव में लगभग 300 से 350 घुमंतू पशुओं की नियमित रूप से सेवा की जा रही है। श्री पटेल ने बताया कि इसके लिए 8 से 10 व्यक्तियों का समूह प्रतिदिन के लिए बनाया गया है, जो नियम से पशुओं की देखभाल और सुरक्षा में जुटा रहता है। यह व्यवस्था न केवल गांव की एकजुटता का उदाहरण है, बल्कि मानवता और सेवा भावना का भी प्रतीक है।
असल बात,न्यूज


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