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छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव : वनांचल क्षेत्र बोड़ला में घर-घर पहुँचा स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया जाँच एवं जन जागरूकता अभियान

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 कवर्धा,असल बात



कवर्धा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले में रजत महोत्सव के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वनांचल क्षेत्र चिल्फी के दुर्गम व दूरस्थ ग्राम दुलदुला, तुरैयाभाठा, राजाधार, अकलघरिया एवं उपस्वास्थ्य केंद्र धवईपानी में विशेष रूप से घर-घर मलेरिया जाँच एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तुर्रे के मार्गदर्शन परं विशेष अभियान में बोडला बीएमओं डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत, एमओ डॉ. लोकेश चंद्रवंशी, आरएचओ अशोक नवरंग तथा सेक्टर सुपरवाइजर बाबूलाल गोड़ के नेतृत्व में स्वास्थ्य अमला शामिल हुआ। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद टीम द्वारा ग्राम-ग्राम पहुंचकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया।

बोड़ला के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा प्रत्येक घर पर पहुंचकर ग्रामीणजन का मलेरिया परीक्षण किया गया। संदिग्ध प्रकरणों की तत्काल जांच की गई तथा आवश्यकता अनुसार रोगियों को वहीं पर दवा उपलब्ध कराई गई। टीम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी संभावित रोगी को उपचार से वंचित न रहना पड़े। ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें बताया गया कि मौसम परिवर्तन के दौरान बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना जैसे लक्षणों को कभी भी नज़रअंदाज़ न करें और लक्षण प्रकट होते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच एवं उपचार कराएं। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, आसपास पानी का जमाव न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपायों को अपनाने की भी अपील की गई।


ग्रामीणों को दिए गए बचाव के संदेश


टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साफ-सफाई बनाए रखें और आसपास पानी न रुकने दें। मच्छरों से बचाव के लिए रात में अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार के बुखार की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। मलेरिया जैसे मौसमी रोगों से बचाव के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर न रहते हुए, स्वास्थ्य टीम ने लोगों को सामूहिक प्रयास और जागरूकता की आवश्यकता बताई। महिलाओं, बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से यह समझाया गया कि बीमारी से बचाव इलाज से बेहतर है।


ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग


इस अभियान में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग का स्वागत करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में लोग जांच व परामर्श के लिए आगे आए। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार हमारे घर-घर तक डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे हैं, इससे हमें समय पर जांच और इलाज की सुविधा मिल रही है। रजत महोत्सव के अवसर पर यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवा का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग वनांचल की अंतिम बस्ती तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के लिए कटिबद्ध हैं। वनांचल जैसे दुर्गम क्षेत्र में घर-घर जाकर चलाया गया यह मलेरिया जाँच एवं मौसमी बीमारी के लिए अभियान आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल “स्वस्थ समाज, जागरूक नागरिक” की ओर बढ़ाया गया बड़ा कदम है।

असल बात,न्यूज