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कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में कृषि एवं राजस्व अधिकारियों का वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल कटाई प्रयोग और कृषि सांख्यिकीय कार्यों पर संभाविक न्यादर्श पद्धति आधारित हुआ प्रशिक्षण

कवर्धा,असल बात      कवर्धा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में कलेक्टर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारिय...

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कवर्धा,असल बात


     कवर्धा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में कलेक्टर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल कटाई प्रयोग एवं अन्य कृषि सांख्यिकीय कार्यों के संबंध में वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्ष 2025-26 का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण संभाविक न्यादर्श पद्धति पर आधारित था।

     प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख एवं डिप्टी कलेक्टर श्री आर.बी. देवांगन, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री गजेन्द्र साहू, तथा प्रशिक्षणकर्ता के रूप में सहायक आयुक्त सांख्यिकीय श्री एच. टोप्पो एवं श्री प्रदीप साहू ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया। उन्होंने कृषि से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के फील्ड स्तर के अधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के समस्त राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने हेतु संभाविक न्यादर्श पद्धति के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोग को वैज्ञानिक ढंग से लागू करने पर विशेष बल दिया गया।

       कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान निर्देशित किया कि अनुमोदन के लिए लंबित किसान पंजीयन कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए एवं जिले में शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी कृषकों को फसल बीमा योजना का लाभ ससमय प्राप्त हो सके। कलेक्टर ने कहा कि फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, पंजीयन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पटवारियों से कहा कि वे बीमा कंपनी एजेंटों एवं कृषि विभाग के फील्ड अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि जिले के सभी किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकें।

      कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणकर्ताओं द्वारा विभिन्न तकनीकी पहलुओं जैसे संभाविक न्यादर्श पद्धति की प्रक्रिया, फसल कटाई के वैज्ञानिक तरीके, डेटा संग्रहण की विधियां, बीमा दावे की प्रक्रिया एवं समयसीमा आदि पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अधिकारियों को आगामी खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कृषि विभाग और राजस्व विभाग के समन्वय से किसानों को फसल बीमा योजना का व्यापक लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। कृषि आधारित इस तकनीकी प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिलास्तर पर कार्यरत सभी मैदानी अमले को योजनाओं के क्रियान्वयन एवं सांख्यिकीय रिकॉर्ड संधारण में दक्ष बनाया जा सके।

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