Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां,प्रतिस्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल प्रथम और लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय को मिला दूसरा स्थान

  रायपुर  . असल बात news.  15 अगस्त 2025. राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 ...

Also Read

 



रायपुर  .

असल बात news. 

15 अगस्त 2025.

राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर को पहला, लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर को दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय, डारा लोर गेहे रे...., हमर पारा तुहर पारा... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने देश की सेना द्वारा भारत माता की रक्षा एवं देश की माँ, बेटी, बहन की सुरक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते हए भारत माता की सेवा में अपनी प्राण न्योछावर करने वाले दृश्य को प्रदर्शित किया, साथ ही पहलगाम में हुये आतंकी हमले के विरूद्ध भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन सिन्दूर को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

लक्ष्मीनारायण कन्या उ.मा.वि. रायपुर के 200 विद्यार्थियों ने हाय कहे गजरी, हाय कहे गजरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्य राऊत नाचा एवं अन्य नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। साथ ही स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के त्यौहारों व लोक नृत्यों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को भी दर्शाया। 

सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सभी लोक नृत्य व संस्कृति को संजोया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रकृति के मनोरंग दृश्य का भी प्रदर्शन किया। इस नृत्य में कर्मा लोक नृत्य को भी स्कूली बच्चों द्वारा बहुत सुन्दर भाव-भंगिमा के साथ प्रदर्शित किया गया।