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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट की,प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता के महत्व पर बल दिया

  प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष कजान में राष्ट्रपति षी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स...

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प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष कजान में राष्ट्रपति षी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया

प्रधानमंत्री ने एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति षी के निमंत्रण को स्वीकार किया

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि स्थिर, आशानुरूप और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे

 नई दिल्ली .
असल बात news. 
चीन के विदेश मंत्री और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य श्री वांग यी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भेंट कीश्री वांग यी ने प्रधानमंत्री मोदी को तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग का संदेश और निमंत्रण दिया। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक और विशेष प्रतिनिधियों की 24 वीं बैठक के बारे में अपने सकारात्मक मूल्यांकन को भी साझा किया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल के साथ इस बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।

प्रधानमंत्री ने सीमा पर शांति बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, तर्कसंगत और आपसी रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए भारत की वचनबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष कजान में चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया। ये संबंध आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित हैं। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने एससीओ शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए राष्ट्रपति षी चिनफिंग को धन्यवाद दिया और अपनी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन की अध्यक्षता के लिए समर्थन व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा कि वह तियानजिन में राष्ट्रपति षी चिनफिंग से मिलने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, आशा के अनुरूप और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।