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छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज ऐतिहासिक दिन,वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के द्वारा प्रस्तुत पांच विधेयक सदन में पारित, तीन मूल विधेयक दो संशोधन विधेयक,जनविश्वास विधेयक भी पारित, कुल आठ विधेयक पारित

  छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज ऐतिहासिक दिन,वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के द्वारा प्रस्तुत पांच विधेयक सदन में पारित, तीन मूल विधेयक दो संशोधन व...

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज ऐतिहासिक दिन,वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के द्वारा प्रस्तुत पांच विधेयक सदन में पारित, तीन मूल विधेयक दो संशोधन विधेयक,जनविश्वास विधेयक भी पारित, कुल आठ विधेयक पारित 

छत्तीसगढ़ .

असल बात news.

शासकीय विधि विषयक कार्यों के मामले के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का दिन ऐतिहासिक रहा. इस दिन कुल आठ विधेयक पारित किए गए. सदन में इस दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अकेले पांच विधेयक प्रस्तुत किया जिसमें दो संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया,तो वहीं उन्होंने तीन मूल विधेयक प्रस्तुत किया. इस दौरान छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधायक भी पारित किया गया है जिसके माध्यम से स्टेट कैपिटल क्षेत्र के विकास का प्रावधान है. वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया. व्हाट इस योर उद्योग मंत्री लखन लाल दीवाना ने छत्तीसगढ़ जन विश्वास प्रधानों का संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया. सदन में सभी विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गए. हालांकि इस दौरान सदन में विपक्ष का कोई सदस्य उपस्थित नहीं था.एक दिन में इतना रिकॉर्ड विधेयक प्रस्तुत करने पर आसंदी से स्पीकर डॉक्टर रमन सिंह ने वित्त मंत्री को बधाइयां.

 सदन में आज छत्तीसगढ़ जन विश्वास प्रावधानों का संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025, छत्तीसगढ़ बकाया कर ब्याज एवं शास्त्री के निपटान संशोधन विधेयक 2025, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ पेंशन निधि विधेयक 2025, छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक, छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक तथा छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया.सभी विधेयक सदन में ध्वनिमत से पारित किए गए.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक तथा दूसरा छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025 प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री श्री साय ने सदन में छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति में एकरुपता एवं पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि विश्वविद्यालय की गुणवत्ता में सुधार हो सके. इस विधायक में कुलपति के चयन के लिए न्यूनतम अहर्ता को सुनिश्चित किया गया है. प्रावधानों  के अनुसार इस विषय का 10 वर्षों तक प्राध्यापक रहने वाला है अब इस विश्वविद्यालय में कुलपति बन सकेगा. चर्चा में हिस्सा लेते हुए वरिष्ठ सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि इस विधेयक के पीछे आशय सिर्फ यह है कि शिक्षा की गुणवत्ता का गुणात्मक विकास होना चाहिए. विश्वविद्यालय को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति में ट्रांसपेरेंसी होना चाहिए. वहीं वरिष्ठ सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश में उच्च शिक्षा में अपने पसंद के व्यक्ति की पदस्थापना कर उसे उपकृत करने का प्रयोग देखा है. कुलपति के पद को राजनीतिक पद बना दिया गया.उन्होंने कहा कि जितने भी राज्य की विश्वविद्यालय हैं उसमें इसी तरह नए संशोधन के जैसे एकरूपता होनी चाहिए. उन्होंने इस और वेद ध्यान आकर्षित किया के दो-तीन विश्वविद्यालय में कुलपति ही नहीं है. सदस्य सुशांत शुक्ला ने कहा कि पूर्व में विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर उसकी नियुक्ति कर जाती थी जिसे पढ़ाना छोड़कर बाकी सब आता था. मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किया जिसमें कंस्ट्रक्शन तथा इक्विपमेंट यूज़ के लिए चलने वाले वाहनों पर अब एक बार में ही आजीवन टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है.वहीं जिन वाहनों पर स्वामित्व परिवर्तन अंतरण पर टैक्स नहीं लगता था अब एक परसेंट और आधा परसेंट तक टैक्स का प्रदान कर दिया गया है. आजीवन टैक्स वाहन की कीमत का 8% तक होगा.

*छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 

राज्य के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा सदन में आज जो विधेयक प्रस्तुत किए गए उसमें छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 भी शामिल हैवित्त मंत्री श्री चौधरी ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 दस्तावेज तैयार किया है, जिसके अंतर्गत राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी कड़ी में राज्य की वित्तीय दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष फंड स्थापित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संसाधनों से होने वाली आय में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2001-02 से 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पूंजीगत व्यय में भी लगभग 43 गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत तथा वर्ष 2023-24 में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय से अर्थव्यवस्था को मल्टीप्लायर इफेक्ट मिलता है, जिससे एक रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था को तात्कालिक रूप से 2.45 रूपए और दीर्घकाल में 3.14 रूपए का लाभ मिलता है। इसी दृष्टिकोण से यह फंड राज्य के पूंजीगत व्यय को सुदृढ़ करने सहायक होगा।

*फंड के प्रमुख प्रावधान और लाभ

वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड खनिज संसाधनों से प्राप्त वार्षिक राजस्व का न्यूनतम 1 प्रतिशत और अधिकतम 5 प्रतिशत तक निवेश की व्यवस्था करेगा। फंड से प्राप्त लाभांश को पुनः फंड में निवेश किया जाएगा। इस फंड का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिए ही किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही मूल राशि से आहरण किया जा सकेगा, वह भी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक। फंड की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत नियम बनाए जाएंगे, जिनमें फंड प्रबंधन, निवेश प्रक्रिया और अनुमति योग्य निवेश साधनों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

*राज्य के लिए ऐतिहासिक पहल

श्री ओपी चौधरी ने कहा कि ऐसा फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ संभवतः देश का पहला राज्य है। मुख्य बजट 2025-26 में इस फंड के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिला खनिज न्यास निधि का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज समेत कई जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।