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वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से में सखी और विवान की सगाई में आया एक नया ट्विस्ट

  मुंबई. सोनी सब के शो ‘वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से’ लगातार एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार की रोजमर्रा की उलझनों और खुशियों को दिल ...

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 मुंबई. सोनी सब के शो ‘वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से’ लगातार एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार की रोजमर्रा की उलझनों और खुशियों को दिल छू लेने वाली भावनाओं और हल्के-फुल्के हास्य के साथ पेश कर रहा है. जहां एक ओर वागले परिवार राधिका (भारती आचरेकर) की कमजोर होती याददाश्त और सखी (चिन्मयी साल्वी) और विवान (नमित शाह) के बीच गहराते रिश्ते जैसे भावनात्मक उतार-चढ़ाव से उबर रहा है, वहीं राजेश (सुमित राघवन) एक संरक्षक पिता और प्रगतिशील सोच वाले अभिभावक के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं.



 आगामी एपिसोड्स में, राजेश एक चौंकाने वाला लेकिन साहसिक कदम उठाते हैं वह सखी और विवान की सगाई के लिए सहमत हो जाते हैं, लेकिन कुछ शर्तों के साथ. वह दोनों के रिश्ते की गंभीरता परखने के लिए 21 दिन का “नो-कॉन्टैक्ट” चैलेंज रखते हैं, और एक पारिवारिक आपात स्थिति में विवान की जिम्मेदारी देखकर उनका नजरिया बदलने लगता है. लेकिन जैसे ही राजेश इस रिश्ते को स्वीकार करने लगते हैं, कहानी में आता है एक और मोड़- जब वह विवान के माता-पिता से मिलते हैं. दोनों परिवारों की पहली मुलाकात में सामने आते हैं संस्कृति के भिन्न पहलू, सामाजिक पृष्ठभूमियों का अंतर और जीवन की अलग-अलग अपेक्षाएं. राजेश, जो अपने मध्यमवर्गीय मूल्यों में गहराई से रचे-बसे हैं, खुद से सवाल करने लगते हैं- क्या यह रिश्ता वास्तव में सही है?


क्या राजेश अपनी बेटी के फैसले पर कायम रहेंगे या फिर यह मुलाकात उनके मन में फिर से संदेह जगा देगी?


राजेश की भूमिका निभा रहे सुमित राघवन कहते हैं, “ये संघर्ष असली है, जिसे कई माता-पिता महसूस करते हैं- अपने बच्चे की रक्षा करने से लेकर उसके निर्णयों पर भरोसा करने तक का सफर. राजेश प्यार के खिलाफ नहीं हैं, वो बस इस बात से डरते हैं कि कहीं वो सखी के साथ अपनी जो नज़दीकी महसूस करते हैं, उसे खो न दें. सगाई के लिए हाँ कहना उनके लिए बहुत बड़ा कदम है, लेकिन विवान के माता-पिता से मुलाकात एक नई सोच और चुनौती लेकर आती है. ये एक शांत लेकिन गहरा इम्तिहान है- स्वीकृति, अहंकार और एक पिता के रूप में बदलते समय के साथ खुद को ढालने का.”