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प्यार करता हूं, बोलकर, नाबालिग से बार-बार शारीरिक संबंध स्थापित करने वाले आरोपी को दोष सिद्ध होने पर 20 साल के सश्रम कारावास की सजा, आरोपी गिरफ्तारी के बाद से लगातार निरुद्ध है जेल में

  रायपुर  . असल बात news.   यह भी "मैं तुमसे प्यार करता हूं, और शादी करना चाहता हूं "बोल बोल कर, जबरदस्ती बार-बार शारीरिक संबंध प्...

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रायपुर  .

असल बात news.  

यह भी "मैं तुमसे प्यार करता हूं, और शादी करना चाहता हूं "बोल बोल कर, जबरदस्ती बार-बार शारीरिक संबंध प्रवेशन लैंगिक हमला कारित करने के अपराध का प्रकरण है. प्रकरण में माननीय न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध अपराध को दोष सिद्ध पाया है और आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है.आरोपी आदतन अपराधिक प्रवृत्ति का बताया जाता है. न्यायालय के द्वारा पीड़िता को इस दौरान भोगी गई  मानसिक और शारीरिक पीड़ा को महसूस करते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा निर्धारित पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2018 के तहत प्रतिकर राशि देने का आदेश भी सुनाया है.

न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉकसो) रायपुर विनय कुमार प्रधान के न्यायालय ने यह सजा सुनाई है. न्यायालय के द्वारा इस प्रकरण में लगभग 2 वर्ष के भीतर फैसला सुना दिया गया है. यह प्रकरण आरक्षी केंद्र उरला थाना खरोरा रायपुर के अंतर्गत का है. अपराध सितंबर 2020 से फरवरी 2021 के भीतर कारित हुआ जिसमें प्रथम सूचना रिपोर्ट 4 मई 2021 को दर्ज कराई गई. पीडिता 14 वर्ष से कम आयु की नाबालिग बालिका है जोकि कक्षा आठवीं में पढ़ती थी.

 अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रकरण के तथ्य इस प्रकार है कि आरोपी पीड़िता से बार-बार संपर्क करने की कोशिश करता था. कभी कुछ चीज देकर प्रलोभन भी देता था. फिर वह उसे मैं प्यार करता हूं शादी करना चाहता हूं करके अपने पास बुलाने लगा. और बार-बार कई स्थानों पर बुलाकर मना करने के बावजूद जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित किया.पीड़िता गर्भवती भी हो गई. इसके बाद आरोपी उससे दूर भागने लगा.पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी मां को दी. उसके बाद पीड़िता के द्वारा थाने में स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया.

 न्यायालय के द्वारा आरोपी को बालको पर संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के अपराध का दोषी पाया गया.दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. आरोपी गिरफ्तारी के बाद से पिछले लगभग 2 साल से लगातार जेल में है.

 प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती विमला तांडी ने शासन की ओर से पैरवी की.