Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

पुरी से निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

  पुरी,ओडीशा. असल बात news.      विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। हर वर्ष की तरह ईश्वर भी  उड़ीसा के पुरी में भगवान ...

Also Read



 पुरी,ओडीशा.

असल बात news.   

 विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। हर वर्ष की तरह ईश्वर भी  उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशाल और भव्य आयोजन किया गया है। इस साल इस भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू  के साथ प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्रीतथा सैकड़ो की संख्या में अन्य तमाम विशिष्ट शक्तियां शामिल हुई है. राष्ट्रपति ने भी रथ खींचने के पुण्य कार्य में हिस्सा लिया है और उन्होंने माता सुभद्रा का रथ बहुत दूर तक खींचा है.

यह रथ यात्रा हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर विशाल रथ यात्रा निकाली जाती है, फिर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष 10वीं तिथि पर इसका समापन होता है।  इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र संग साल में एक बार प्रसिद्ध गुंडिचा माता के मंदिर में जाते हैं। इस पवित्र रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बहन और भाई संग पूरे नगर का भ्रमण करते हैं। इस बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बहुत ही दुर्लभ संयोग होगी। 

भगवान जगन्नाथ की इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र तीन अलग-अलग रथ में सवार हैं.

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में नगर भ्रमण करने के लिए भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग निकलें हैं. गुंडिचा माता के मंदिर में प्रवेश करेंगे जहां पर कुछ दिनों के लिए रहेंगे। इस रथ यात्रा में तीन अलग-अलग रथ पर भगवान स्वर हैं  ,जिसमें भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलराम शामिल हैं । रथयात्रा में सबसे आगे बलराम, बीच में बहन सुभद्रा का रथ फिर सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ का रथ होता है। इन तीनों रथ की अपनी-अपनी खास विशेषताएं हैं ।