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श्री मिर्जा द्वारा लगाए गए आरोप निराधार,बदनाम करने की साजिश :सौरभ नामदेव, मिर्जा की कई गतिविधि संदिग्ध

कवर्धा यूनाइटेड न्यूज ऑफ एशिया के संस्थापक पत्रकार सौरभ नामदेव द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित किया गया जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को नि...

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कवर्धा


यूनाइटेड न्यूज ऑफ एशिया के संस्थापक पत्रकार सौरभ नामदेव द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित किया गया जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए आवेदक श्री मिर्जा पर गंभीर आरोप लगाए है 

सौरभ ने प्रेस को बताया को उनके द्वारा चलाए गए खबर में श्री मिर्जा या किसी अन्य संस्था का कोई जिक्र नहीं है 

उन्होंने केवल वास्तविकता को सामने रखते हुए श्री मिर्जा द्वारा चलाए गए खबर का खण्डन करते हुए खबर को फेक बताया था न की श्री मिर्जा या अन्य न्यूज संस्थान को 


श्री मिर्जा द्वारा मेरे उपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है।


सौरभ नामदेव द्वारा प्रेस वार्ता में श्री मिर्जा के ऊपर आरोपों की झड़ी लगा दी है जिसके मुख्य बिंदु ये है–


1.श्री मिर्जा के आरोप निराधार,UNA ने केवल खबर का खण्डन करते हुए खबर को फेक बताया न की किसी व्यक्ति विशेष या फिर उनकी संस्था या चैनल को 


2.श्री मिर्जा ने अपने आवेदन में खुद के नाम के आगे डॉ उपाधि लिखी है हर स्थान पर वो खुद को डॉक्टर बताते है,सौरभ नामदेव ने पूछा की आखिर उनके पास क्या डिग्री है,क्या वो एमसीआई से अधिकृत डॉक्टर है या फिर पीएचडी डिग्री धारी है जो डॉक्टर उपाधि का उपयोग अपने नाम में करते है 

3. श्री मिर्जा खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का नेता बताते है एवम कई स्थानों पर ओहदे की बात कहकर अनेतिक लाभ कमाने की कोशिश करते है।

4. श्री मिर्जा ने जिस मामले में मेरे खिलाफ आवेदन दिया है उस मामले में वो एक माफिया की भूमिका निभाना चाह रहे थे 

श्री मिलन यादव जैसे सीधे साधे किसान को बरगलाकर ईच्छा मृत्यु जैसे आवेदन दिलवाया गया,सबसे बड़ा आश्चर्य ये है की उस मामले को कवर्धा में घटित हुए साधराम यादव हत्याकांड से जोड़ा जबकि दोनो मामले नैतिक रूप से अलग है

इससे सामाजिक तनाव की स्थिति भी बनी।

4.उक्त जमीन विवाद मामले में श्री मिर्जा द्वारा,श्री मिलन यादव के आवेदन करने से पूर्व ही अनावेदक श्री विनय बोथरा के पास अपने सहयोगी को भेजा गया था 

जहां पर उक्त जमीन प्रकरण के मामले को निपटाने के एवज में 32 लाख की डिमांड की गई थी जिसकी रिकॉर्डिंग मैं आप सभी के साथ शेयर कर रहा हु।


जिस तरह से कवर्धा शांति का टापू रहा और सभी आपस में प्रेम शांति से रहते है,शायद कुछ बुरी शक्तियों को ये बर्दाश्त नही है और इसी कारण वे आपस में लड़वाने के लिए अनेक कोशिशें करते है 


मेरे द्वारा एक ईमानदार पत्रकार की भूमिका निभाते हुए उक्त जमीन मामले में निष्पक्ष विवेचना की गई और सूत्रों से जानकारी प्राप्त होने पर मैंने पाया कि उक्त जमीन का भू अर्जन पूर्व में ही शासन द्वारा किया जा चुका है एवम श्री मिलन यादव के परिजन को उक्त भूमि का मुआवजा भी दिया जा चुका है।


मैं इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से शासन प्रशासन से आग्रह भी करूंगा की इस मामले की जांच की जाए और दोषियों पर कार्यवाही की जाए।