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कलेक्टर ने ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को हुई दो ग्रामीणों की अकास्मिक एवं उल्टी-दस्त के बाद हुई मौत की वास्तविक कारणों का जायजा लेने वनांचल ग्राम पहुंचे

 कवर्धा कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम सोनवाही के सभी कुओं को क्लोरिनेशन कराने और ग्राम के सभी ग्रामीणों को स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश द...

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 कवर्धा



कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम सोनवाही के सभी कुओं को क्लोरिनेशन कराने और ग्राम के सभी ग्रामीणों को स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए

कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ और पीएचई के अधिकारी ग्राम सोनवाही के सभी पारा-मुहल्ला पहुंचकर ग्रामवासियों का हाल-चाल जाना

कवर्धा, कलेक्टर जनमेजय महोबे ने जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को उल्टी-दस्त से दो ग्रामीणों की अकास्मिक मौत का वास्तविक कारणों का पता लगाने जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल एवं स्वास्थ्य, पीएचई, बोडला अनुविभागीय अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से गांव का अवलोकन किया और प्रभावित परिवारों से मिले।   कलेक्टर ने गांव के सभी पारा-मुहल्ले में पहुंचकर ग्रामीणों से स्वास्थ्यगत आवश्यक चर्चा की। कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा पेयजल के लिए उपयोग में लाए जा रहे कुंआ का भी अवलोकन किया। लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गांव के सभी कुआें का क्लोरिनेशन कराने और ग्राम के सभी ग्रामीणों को स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने ग्राम झलमला में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होने वंनाचल क्षेत्र में डायरिया, उल्टी-दस्त, जलजनित बीमारी, मलेरिया के बचाव के लिए गांव-गांव में जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दिनों में जंगली जहरिले मशरूम के सेवन ना करने के लिए भी लोगों में जागरूक करने के निर्देश दिए।  

       कलेक्टर श्री महोबे ने मौसमी बीमारी एवं उल्टी-दस्त के प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम सोनवाही में बनाए गए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर एवं अस्पताल का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान यहां बताया गया कि स्वास्थ्य परीक्षण में 8 ग्रामीणों में मलेरिया पाजेटिव पाई गई है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को गांव और आसपास के अन्य ग्रामों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। ग्राम सोनवाही में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं घर-घर सर्वें करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तर की टीम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला और चिल्फी की टीम गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की टीम 10 जुलाई की रात को ही ग्राम सोनवाही में पहुंच कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

      कलेक्टर श्री महोबे ने बोडला अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती गीता रायस्त एवं सीएचएचओ ने पूरी जानकारी ली। कलेक्टर ने 10 जुलाई को हुई दो ग्रामीण सोनसिंह पिता ईतवारी उम्र 45 वर्ष, और फूलबाई पति मंगल सिंह मृतक परिवारों से भी मिले। चर्चा के दौरान कलेक्टर को ग्रामीण संजय ने बताया कि 10 जुलाई को अचानक रात को सोनसिंह अपने खेत से लौटे। उसके बाद उन्होने तबियत खराब होने की बात अपने घर वालों को बताया। उन्हे उल्टी हुई और तीन से चार घंटे बाद उसकी आकास्मिक मौत हो गई। इसी प्रकार महिला फूल बाई की भी उल्टी और तबियत खराब से मृतक होना बताया गया है। इन दोनों का घर अलग-अलग मुहल्ले में है।

      सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि फुलबाई के घर के दो और सदस्यों की तबियत खराब है, जिन्हे झलमला में भर्ती कराया गया है। कलेक्टर ने दोनां का स्वास्थ्य सुधार की जानकारी लेने अस्पताल पहुंचकर अवलोकन भी किया। डॉ राज ने बताया कि जांच एवं पुछताछ के प्रथम दृष्टयता में जंगली मशरूम एवं अन्य कोई विषाक्त भोजन सेवन की जानकारी मिल रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्डम रिपोर्ट मे ही सामने आएगी। उन्होने बतया कि गांव में मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए जैनरिक दवाइयों को वितरण किया जा रहा है। पीएचई कार्यपालन अभियंता श्री जीपी गौड ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर गांव के 12 कुओं को क्लोरिनेशन एवं जल परीक्षण के लिए सैम्पल लिए जा रहे है।

 

स्वास्थ्य परीक्षण में मलेरिया के पाजेटिव मरीज मिले

 

      कलेक्टर महोबे ने ग्राम सोनवाही में मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए ग्राम संचालित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान बोडला बीएमओ डॉ विवेक चन्द्रवंशी ने बताया कि जांच में 8 ग्रामीणों में मलेरिया  पॉजेटिव पाई गई है। सभी को दवाईयां दी गई है। कलेक्टर ने सोनवाही सहित आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को वनांचल क्षेत्र में डायरिया, उल्टी-दस्त, जलजनित बीमारी, मलेरिया के बचाव के लिए गांव-गांव में जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दिनों में जंगली जहरिले मशरूम के सेवन ना करने और उनके पहचान के लिए भी लोगों में जागरूक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणां को रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग के लिए आग्रह किया है।