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टोनही कहकर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के चार आरोपियों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा, रानीतराई पाटन क्षेत्र का है मामला

  दुर्ग. असल बात न्यूज़.  टोनही कहकर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के चार आरोपियों को यहां न्यायालय ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है...

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 दुर्ग.

असल बात न्यूज़. 

टोनही कहकर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के चार आरोपियों को यहां न्यायालय ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.आरोप है कि आरोपियों की आरोपियों की प्रताड़ना से त्रस्त होकर पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पीड़िता के पास से एक सुसाइडल लोड भी मिला था जिसमें उसने आरोपियों के नाम का उल्लेख किया है. न्यायालय ने तमाम आरोपों को सही पाया और आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार टामक के न्यायालय ने यह सजा सुनाई है.यह प्रकरण वर्ष 2020 का है जिसमें 20 मार्च 2020 को fir दर्ज कराया गया. अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला इस प्रकार है कि विजय साहू, चंदू साहू उम्र 61 वर्ष खोरबहरा राम साहू उम्र 53 वर्ष सभी निवासी रीवा गहन और दूज राम साहू उम्र 37 वर्ष निवासी खपरी रनचिरई जिला बालोद ने पीड़िता को तुम जादू तोड़ना करती हो हमारी लड़की के ऊपर भूत चढ़ा दिए हो. उसे ठीक करो. कह कर उसे मानसिक रूप से अत्यंत प्रताड़ित करने का आरोप है. जबकि पीड़िता इस दौरान रहती रहेगी वह ऐसाकुछ नहीं करती है.न्यायालय के समक्ष व सुसाइडल लोड भी प्रस्तुत किया गया जिसमें लिखा पाया गया कि खोरबहरा, चंदू, विजय टोनही के लिए मजबूर किया.

 न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध पाया और सभी आरोपियों को टोनही प्रताडना अधिनियम 2005 की धारा 4-5 में क्रमशः 3 और 5 वर्ष और आत्महत्या के लिए दुस्प्रेरित  करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 306 सहपठित धारा 34 के अपराध में 7 कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

 बचाव पक्ष के तर्कों पर न्यायालय ने कहा है कि इस तरह के प्रकरण अमानवी ही नहीं निंदनीय भी हैं इसमें अभियुक्तों पर किसी भी प्रकार की सहानुभूति अपनाना उचित नहीं प्रतीत होता है बल्कि ऐसा करना समाज एवं जनमानस में विशेष तौर पर नारी समाज में विपरीत संदेश जाने वाला होगा.

अभियोजन की तरफ से मो.अरशद खान ने पैरवी की ।