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गेहूं के मूल्य में मुनाफाखोरी वाली बढ़ोतरी को रोकने,केंद्र सरकार रख रही है नजर

आरएमएस 2024 में 112 मिलियन एमटी गेहूं का उत्‍पादन, गेहूं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध गेहूं के आयात पर शुल्क संरचना में बदलाव का कोई प्रस्ताव नह...

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आरएमएस 2024 में 112 मिलियन एमटी गेहूं का उत्‍पादन, गेहूं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

गेहूं के आयात पर शुल्क संरचना में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं हैः खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग

 नई दिल्ली, छत्तीसगढ़.
 असल बात न्यूज़.

पिछले कुछ महीनो के भीतर गेहूं,, दाल, चना, चावल जैसी खाद्य वस्तुओं  की कीमतों में अप्रत्याशित  वृद्धि हुई है. आशंका है कि मुनाफाखोरों की मुनाफा वसूली के कोशिशें के चलते यह मूल्य वृद्धि हुई है. बाजार में गेहूं के दाम को भी काफी तेज करने की कोशिश की गई है.उपभोक्ता कार्यखाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग अब गेहूं के बाजार मूल्य पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। इसके अलावायह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी कि कोई जमाखोरी न हो सके और कीमत स्थिर रहे।

आरएमएस 2024 के दौरान खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने 112 मिलियन एमटी गेहूं का उत्पादन होने की सूचना दी है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने आरएमएस 2024 के दौरान 11 जून, 2024 तक लगभग 266 एलएमटी गेहूं की खरीद की है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकताजो लगभग 184 एलएमटी हैको पूरा करने के बादआवश्यकता पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त गेहूं का भंडार उपलब्ध होगा।

बफर स्टॉकिंग मानदंड वर्ष की प्रत्येक तिमाही के लिए अलग-अलग होते हैं। जनवरी, 2024 तक गेहूं का भंडार 138 एलएमटी के निर्धारित बफर मानक के मुकाबले 163.53 एलएमटी था। गेहूं का स्टॉक किसी भी समय तिमाही बफर स्टॉक मानदंडों से नीचे नहीं रहा है। इसके अलावा,  वर्तमान में गेहूं के आयात पर शुल्क संरचना में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।