Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

छत्तीसगढ़ में पहली बार जीपीएस टैग वाला प्रवासी पक्षी कैमरे में कैद हुआ है। व्हिम्ब्रेल पक्षी को बेमेतरा जिले के बेरला के पास जलाशय में देखा गया है

कवर्धा ज्ञात हो कि, अंबिकापुर के पक्षी प्रेमी डा. हिमांशु गुप्ता के साथ रायपुर के श्री जागेश्वर वर्मा और कवर्धा के श्री अविनाश भोई की टीम ने...

Also Read

कवर्धा








ज्ञात हो कि, अंबिकापुर के पक्षी प्रेमी डा. हिमांशु गुप्ता के साथ रायपुर के श्री जागेश्वर वर्मा और कवर्धा के श्री अविनाश भोई की टीम ने इसकी फोटोग्राफी की है। भारत के शोधकर्ताओं, विज्ञानियों और पक्षी प्रेमियों के साथ ई बर्ड से जुड़े लोगों के सहयोग से यह कार्य हुआ है।

दरअसल, यह पक्षी कई महासागर और महाद्वीप को पार करने में माहिर है। व्हिंब्रेल पक्षी घुमावदार चोंच और धारीदार सिर के साथ आसानी से शिकार कर लेता है। पानी के आसपास पाए जाने वाले सभी कीड़े मकोड़े इसका आहार होते हैं। इसके प्रवास और पसंदीदा क्षेत्र को सैटेलाइट टैगिंग की मदद से पड़ताल किया जा रहा है। छत्तीसगढ में प्रवासी पक्षियों के अध्ययन में जीपीएस टैगिंग वाला व्हिम्ब्रेल पक्षी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें पीले रंग का टैग लगा हुआ है। पक्षी प्रेमियों का मानना ही कि जियो टैगिंग से प्रवासी पक्षी के भ्रमण काल , क्षेत्र , पसंदीदा वातावरण का अध्ययन करने में मदद मिले।

यह पक्षी भूमध्य सागर से लगे क्षेत्रों में निवास करता है। प्रजनन के लिए विंबरेल पक्षी एशिया और यूरोपीय देशों में हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान आज कल बेमेतरा और खैरागढ़ क्षेत्रों में झीलों के पास देखा गया है। लंबे पैर लंबी चोंच और भूरे धब्बों वाला यह पक्षी आज कल पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।