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वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम दिन प्रदेश के समस्त पंजीयन कार्यालय खुले रहे,प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के दामों में होगी बढ़ोतरी

  रायपुर। वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम दिन प्रदेश के समस्त पंजीयन कार्यालय खुले रहे. रायपुर ज़िला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित पंजीयन कार्...

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 रायपुर। वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम दिन प्रदेश के समस्त पंजीयन कार्यालय खुले रहे. रायपुर ज़िला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित पंजीयन कार्यालय भी शासकीय अवकाश के दिन खुला रहा जहां सुबह कार्यालय खुलने से पहले ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो चुकी थी. पंजीयन हॉल मौजूद सभी लोग व्यस्त नज़र आ रहे थे और अपने ज़मीन की रजिस्ट्री आज की तारीख़ में कराने के लिए जुटे थे.

ज़िला पंजीयक आशुतोष कौशिक के मुताबिक इस साल पंजीयन से 865 करोड़ राजस्व का टारगेट रखा गया था. जिसमें से 830 करोड़ पहले ही पूरा किया जा चुका है और टारगेट पूरा होने की पूरी संभावना है. जिला पंजीयक ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम तिथि में भी लगभग 500-600 रजिस्ट्री की जा सकती है.

रजिस्ट्री कार्यालय में मौजूद एक महिला ने बताया की आज अंतिम दिन है इसलिए रजिस्ट्री करने वाले लोगों की संख्या इतनी अधिक है. महिला ने ये भी बताया नए वित्तीय वर्ष से ज़मीन की क़ीमतों में इज़ाफ़ा होने की भी संभावना है. अब तक कोई आदेश जारी किया गया है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ज़मीन के कलेक्टर गाइडलाइन में दी गई छूट को ख़त्म कर सकती है जिससे अब ज़मीन ख़रीदने में आर्थिक समस्याएँ भी होंगी. इसलिए कोशिश है कि रजिस्ट्री आज ही हो जाए.

पिछली सरकार ने दी थी 30% छूट, अब बढ़ेगी कीमत

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 25 जुलाई 2019 को कलेक्टर गाइडलाइंस में 30% की छूट का आदेश राज्य भर में लागू किया था. जिससे 5 सालों में ज़मीन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुए यानी 1 करोड़ की ज़मीन 70 लाख में खरीदी जाती थी, लेकिन अब प्रदेश की सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से इस आदेश को आगे जारी न रखने का फ़ैसला कर लिया है जिससे अब प्लॉट, ज़मीन और मकान की कीमतें भी बढ़ जाएंगी.

कांग्रेस ने बंदरबांट के लिए की दरें कम – वित्त मंत्री ओपी चौधरी

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा की कांग्रेस की सरकार ने अपने चहेतों को ज़मीन बाँटने के लिए गाइडलाइन दरें कम जिसका ख़ामियाज़ा किसानों को भुगतना पड़ा. किसानों को भूमि अधिग्रहण में मुआवज़े की राशि में नुक़सान होता रहा है साथ ही लोन लेने वाले भू-स्वामियों को भी कम लोन मिले . कलेक्टर गाइडलाइन वापस से सामान्य होने से राजस्व बढ़ने के साथ-साथ लोगों को भी फ़ायदा होगा .