Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की

  रायपुर , महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग क...

Also Read

 रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विभागीय कार्यक्रमों तथा योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। अधिकारियों ने भारत शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं का कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण दिया। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिलाओं और बच्चों को दी जाने वाली सेवाएं, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान सहित संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खासकर अति पिछड़े अदिवासी इलाकों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए है।



उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जाए। जिससे हितग्राहियों को योजनाओं का फायदा पहुंचे। बैठक में बच्चों में कुपोषण एवं एनीमिया के बारे में तथा महिलाओं में एनीमिया के कारणों एवं इसे दूर करने के उपाय पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों से आंगनबाड़ी केन्द्रों में मौजूद सुविधाओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में भारत सरकार की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, पालना, राज्य महिला शक्तिकरण, संबल योजना के तहत सखी वन स्टाफ सेंटर, महिला हेल्प लाइन, पीएम जनमन, नारी अदालत और बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं सहित राज्य शासन की छत्तीसगढ़ महिला कोष-ऋण एवं सक्षम योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पूरक पोषण कार्यक्रम सहित अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।