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रोजाना करें ओम जाप और तनाव को कहें बाय-बाय

  आजकल मेंटल डिसऑर्डर तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे कारण काम का तनाव और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लोग ओवरटाइम भी करने लगते हैं जिसस...

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 आजकल मेंटल डिसऑर्डर तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे कारण काम का तनाव और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लोग ओवरटाइम भी करने लगते हैं जिससे दिमाग को आराम नहीं मिल पाता है. ऐसे में स्ट्रेस और एंग्जाइटी होना आम है. इस समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए हम यहां पर कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे वो मिनटों में स्ट्रेस जैसी मानसिक परेशानी से छुटकारा पा जाएंगे.

हम आपको यहां पर ओम मंत्र जाप करने का सही तरीका बताने वाले हैं. और साथ ही किस तरह आप ओम का उच्चारण करके आप खुद को तनावमुक्त कर सकते हैं.

ओम जाप करने का सही तरीका

सबसे पहले आप योगा मैट बिछाएं. अब आप कमर-गर्दन को सीधा रखें और आंख को बंद कर लीजिए. फिर आप गहरी सांस लीजिए. अब आप सांस लेते हुए ओम मंत्र का जाप करें.इसके लिए पहले आप पूरा मुंह खोलें ताकि अ की ध्वनि निकले.फिर आप मुंह, होठों को गोल बनाएं ‘अ’ की गूंज ‘उ’ में बदल जाएगी. फिर मुंह बंद करके यह ध्वनि करते रहें, जब तक यह ध्वनि ‘म’ में ना बदल जाए.इस तरह आप कुल 21 बार ओम का जाप करें.

मन को करे शांत

आपको बता दें कि ओम का जाप मन को शांत करता है. इससे नींद बेहतर होती है. इससे इमोशंस बैलेंस रहता है. ऐसा करने से तनावपूर्ण स्थिति में मन शांत रहने लगता है. इससे फोकस बेहतर होता है साथ ही, मेमोरी पावर भी मजबूत होती है. आप नकारात्मकता से बच जाते हैं. इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

दिनभर ऊर्जावान रहते हैं

ओम का जाप करने से आप दिनभर ऊर्जावान रहते हैं. इस मंत्र का जाप करने से आप हमेशा पॉजिटव रहेंगे, ऐसे में आपसे जो भी मिलेगा उसे अच्छा महसूस होगा. यह आपको लोगों से जोड़ने का काम करेगा.

पेट के लिए अच्छा है

ओम का जाप आपके पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से ओम का जाप करने से आपके पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है.अगर आपके पेट में दर्द है तो ओम का जाप करना आपके लिए लाभकारी रहेगा.

फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

जब आप ओम का जाप करते है तो वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार आपके फेफड़ों के हर हिस्से तक हवा पहुँचती है. आम तौर पर जब आप साँस लेते है या कोई योग भी करते है तब भी पूर्ण रूप से हवा का इतना विस्तार फेफड़ों में नहीं हो पाता लेकिन ओम शब्द के उच्चारण के दौरान ऐसा सम्भव है. ओम का जाप करने के दौरान हमारे फेफड़ों का ढांचा पूरी तरह कंपन करता है, जिसके बाद उसमे प्राणवायु पूरी तरह समाहित होती है. और जैसे ही आप पहली साँस छोड़ते है, वैसे ही आपके फेफड़े पूरी तरह से खुल जाते है.आम तौर पर हमारे फेफड़ों में बासी हवा होती है जिसके दुष्प्रभाव होते हैं लेकिन ओम का जाप करने से आपके फेफड़ों में ताजी हवा जाती है जो आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी होती है.