Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

मजदूरों का पलायन बदस्तूर जारी, श्रम व पुलिस विभाग को सब जानकारी होते हुए भी सोए हुए कुभकंर्णी नींद

  महासमुंद.   पलायन के लिए विख्यात हो चुके महासमुंद जिले से इन दिनों फिर मजदूरों का पलायन बदस्तूर जारी है. विडम्बना है कि श्रम व पुलिस विभाग...

Also Read

 महासमुंद. पलायन के लिए विख्यात हो चुके महासमुंद जिले से इन दिनों फिर मजदूरों का पलायन बदस्तूर जारी है. विडम्बना है कि श्रम व पुलिस विभाग को सब जानकारी होते हुए भी कुभकंर्णी नींद में सोए हुए हैं.महासमुंद रेलवे स्टेशन पर कुछ मजदूर एक पेड़ के नीचे रात्रि में बैठे थे और सोच रहे थे कि कैसे अपने मंजील तक पहुंचे. पुरुष- महिला व बच्चे मिलाकर इनकी संख्या 15 है और ये बागबाहरा विकासखण्ड के तेन्दूबहरा के रहने वाले हैं. इनको खट्टी नर्रा का मजदूर दलाल तीर्थ पटेल रायपुर भेजा था, फिर रायपुर से इन्हें उत्तर प्रदेश ले जाया जाता, पर महासमुंद पुलिस ने इन्हें रेलवे स्टेशन पर उतारा और इनसे पूछताछ कर भोजन कराया. फिर रेलवे स्टेशन लाकर छोड़ दिया और इनसे कहा कि आप के सरदार से बात हो गई है.

तेन्दूबहरा के मजदूर आशाराम ने कहा, नियमानुसार अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अंतर्गत मजदूर ठेकेदारों को मजदूरों की संख्या सहित पंजीयन कराना होता है और ले जाने से पहले श्रम विभाग को सूची देनी पड़ती है, पर श्रम विभाग के अधिकारियों के कुभकंर्णी नींद के कारण मजदूर ठेकेदार बिना लाइसेंस व सूचना दिए ही हजारों की संख्या में मजदूरों को ले जा रहे हैं. शासकीय रिकार्ड के अनुसार 14 मजदूर ठेकेदारों ने अपना पंजीयन मात्र 2400 मजदूर ले जाने के लिए करा रखे हैं. मजदूर जिस ठेकेदार का नाम ले रहा है उसके नाम से कोई पंजीयन नहीं है. इस पूरे मामले मे जब मीडिया ने श्रम विभाग के आला अधिकारी से सवाल किया तो महोदय सारा टिखरा कलेक्टर पर फोड़ते हुए कहा कि जब तक कलेक्टर आदेश नहीं करेगे मै कुछ नहीं कर सकता हूं कहकर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिए. वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कोई मजदूर शिकायत करेगा तो कार्यवाही की जाएगी.गौरतलब है कि महासमुंद जिले मे हर साल दिपावली के आसपास लगभग हजारों की संख्या में मजदूर पलायन करते हैं. शासकीय रिकार्ड निल बताता है. कोविड काल के रिकार्ड में 65 से 70 हजार मजदूर पलायन कर वापस आये थे. अभी हाल ही में ग्राम नरतोरा के एक दंपति को दूसरे प्रदेश में बंधक बना लिया गया था और वे लोग प्रशासन से गुहार लगा रहे थे.