Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

सिर्फ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दो उपमुख्यमंत्रियों का ही शपथ ग्रहण,, छत्तीसगढ़ में भी मध्यप्रदेश के पैटर्न पर मंत्रिमंडल का गठन

  छत्तीसगढ़।  असल बात न्यूज़।।       00  विशेष संवाददाता     छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ नए...

Also Read




 छत्तीसगढ़।

 असल बात न्यूज़।।  

    00  विशेष संवाददाता   

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ नए बनाए गए दो उपमुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा ने उपमुख्यमंत्री के पद का शपथ ग्रहण किया है। आज ही सुबह मध्य प्रदेश में जिस पैटर्न पर सरकार बनाई गई है, बिल्कुल उसी पैटर्न पर छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल का गठन किया गया है। यहां अभी सिर्फ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को पद की शपथ दिलाई गई है। अभी यहां जिस तरह से सरकार का गठन किया गया है उससे राजनीतिक गलियारे में एक सबसे बड़ा सवाल उछल रहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी,अब पुराने चेहरों को पीछे धकेलने,और बदलाव करने की ओर आगे बढ़ने में लगी हुई है। यहां पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के द्वारा ही इसकी जोर-शोर से मांग उठाई जा रही है। मंत्रिमंडल में जब सिर्फ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण करने के बाद सभा को समाप्त करने की अनुमति ले ली गई तब किसी को कोई बहुत अधिक आश्चर्य नहीं हुआ।  

हमें जैसा कि अहसास हो रहा था कि छत्तीसगढ़ का नया मंत्रिमंडल मध्य प्रदेश के पैटर्न पर गठित हो सकता है और इसी छत्तीसगढ़ के नए मंत्रिमंडल मंत्रिमंडल का गठन तकरीबन इसी पैटर्न पर  हुआ है। मंत्रिमंडल में किसे किसे जगह मिलेगी इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिल जाने के बाद से पिछले 10 दिनों से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। कई लोग तो बकायदा पाद बांटकर मंत्रीमंडल के सदस्यों का नाम प्रचारित कर रहे थे। इस पर अधिक भरोसा जताया जा रहा था कि  मंत्रिमंडल में पुराने चेहरों जोकि भाजपा की पुरानी सरकार में मंत्री रहे थे उन्हें मंत्रिमंडल में प्रमुखता से जगह मिल सकती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस तरह से बदलाव की हवा चली है, पुराने चेहरों  के खिलाफ विरोध के स्वर उठे हैं लग रहा है कि मंत्रिमंडल में कई सारे पुराने चेहरों को जगह नहीं मिल सकेगी।। 

* आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में दर्ज हुआ। जशपुर के आदिवासी अंचल से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री ने इस बेहद खास मौके पर शपथ ग्रहण के पूर्व अपने आराध्य देवताओं और अपनी माता जी के साथ ही छत्तीसगढ़ से जुड़ी विभूतियों का नमन किया। 

श्री साय ने सुबह की शुरूआत संसद में हुए हमले में शहीद जवानों का पुण्य स्मरण करते हुए की। आज के ही दिन आतंकवादियों से लड़ते हुए वर्ष 2001 में इन जवानों ने अपनी शहादत दी थी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किये। भगवान जगन्नाथ के प्रति गहरी श्रद्धा छत्तीसगढ़ के लोगों में रही है और ओडिशा की तरह ही यहां भी रथयात्रा धूमधाम से निकालते हैं। 


निजी जीवन में बेहद धार्मिक श्री साय ने आज के शुभ अवसर पर घर में देवी-देवताओं की पूजा भी सपरिवार की। इसके पश्चात उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का माल्यार्पण एटीएम चौक अवंति विहार में किया। छत्तीसगढ़ के गठन के पीछे अटल जी की बड़ी भूमिका थी। श्री साय ने आज इस महत्वपूर्ण दिन श्री अटल जी का पुण्य स्मरण किया ताकि छत्तीसगढ़ के निर्माण के पीछे की अटल जी की मंशा को अपने कार्यकाल में निरंतर पूरा करने की दिशा में कार्य करते रहें।

इसके पश्चात वे जयस्तंभ चौक पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद वीरनारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शहीद वीरनारायण सिंह ने 1857 के संग्राम में छत्तीसगढ़ के लोगों के देश प्रेम की अभिव्यक्ति की थी। बिंझवार जाति के इस आदिवासी महानायक का पुण्य स्मरण भी उन्होंने शपथ ग्रहण के पूर्व किया।

सभास्थल में शपथ लेने से पूर्व उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पूर्व अपनी छत्तीसगढ़ यात्रा में नारा दिया था कि हमने ही बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे। छत्तीसगढ़ को संवारने की जिम्मेदारी श्री साय को मिली है। प्रधानमंत्री से उन्होंने आशीर्वाद लिया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बीते एक दशक में अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ को संवारा है। मुख्यमंच पर बने बैकड्राप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को अंकित किया गया था। आज हुए शपथ ग्रहण के साथ ही छत्तीसगढ़ में नये युग की शुरूआत हो चुकी है।