रायपुर, दुर्ग, भिलाई। असल बात न्यूज़।। एक बड़ी उपलब्धि की खबर हमारे पास आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट की बेटी, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में ग...
रायपुर, दुर्ग, भिलाई।
असल बात न्यूज़।।
एक बड़ी उपलब्धि की खबर हमारे पास आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट की बेटी, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में गोल्ड जीत का लाई है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता कनाडा में चल रही है। फौलादी दृढ़निश्चय, कठिन परिश्रम और साहस के साथ छत्तीसगढ़ के बेटी आभा सिंह ने वहां उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और यूएसए, कंबोडिया तथा फिलीपींस के खिलाड़ियों को पछाड़कर अपने ग्रुप में गोल्ड जीतकर लाई है। आभा सिंह को छत्तीसगढ़ को रिप्रेजेंट करने का गर्व है और वह चाहती है कि उसे छत्तीसगढ़ स्टेट में कोई नौकरी भी मिल जाए।
सबसे पहले हम आपको बता दें कि कनाडा में चल रही वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स में देश से सिर्फ, कुल 9 खिलाड़ियों को हिस्सा लेने का मौका मिला है। इन खिलाड़ियों को ऑल इंडिया पुलिस कंट्रोल के द्वारा इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पूरा सहयोग किया गया है। 28 साल की आभा फिलहाल सीआईएसफ में हेड कांस्टेबल के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही है। उसने प्रतियोगिता में कोई भी राउंड नहीं हारा।
आभा की पढ़ाई से अधिक गेम्स में बचपन से ही रुचि रही है। खेल के प्रति उसकी दिलचस्पी को देखते हुए उसके माता-पिता ने भी उसे स्कूल के समय से ही पढ़ाई के साथ खेलने के लिए भी प्रोत्साहित किया। वह कराटे भी खेलती है और बॉक्सिंग भी।इन दोनों गेम्स में उसने कई स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले दिनों उसने उत्तराखंड में कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा आयोजित सीनियर कराटे चैंपियनशिप में अपने ग्रुप में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में प्रत्येक राउंड कठिन था। उसका वहां यूएसए कंबोडिया और फिलीपींस के खिलाड़ियों से कठिन मुकाबला था। उसने अपना धैर्य, साहस बरकरार रखा तथा हिम्मत नहीं हारी। सीनियर 18प्लस, अंडर 55 केजी ग्रुप में अपने मुकाबले में उसने दोनों खिलाड़ियों को बुरी तरह से पछाड़ दिया। यह उपलब्धि हासिल कर आभा यहां लौटी तो उसका खेल प्रेमियों के द्वारा जोशीला स्वागत किया गया।
सीआईएसफ में आभा की पोस्टिंग अभी हरिद्वार में है। वह 2018 से सीआईएसएफ में सेवाएं दे रही है उसके माता-पिता भिलाई में रहते हैं। वह चाहती है कि उसे छत्तीसगढ़ में ही नौकरी मिल जाए। राज्य सरकार के द्वारा खिलाड़ियों को नौकरी में प्राथमिकता देने की योजना भी है। आभा को उम्मीद है कि ऐसी किसी योजना में उसे भी नौकरी मिल जाए तो वह यहां ही रहकर अपने माता पिता की सेवा कर सकेगी।तब उसे अपने मेडल्स से और अधिक संतुष्टि मिल सकेगी।
00 खेल डेस्क




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