दुर्ग। असल बात न्यूज़।। 00 विधि संवाददाता।। दुर्ग में आज दुष्कर्म का अपराध सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को 20 साल के सश्रम कठोर कार...
दुर्ग।
असल बात न्यूज़।।
00 विधि संवाददाता।।
दुर्ग में आज दुष्कर्म का अपराध सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को 20 साल के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त पीड़ित बच्ची का मुंह बोला फूफा है और आदतन बदमाश रहा है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष न्यायाधीश श्रीमती सरिता दास के न्यायालय ने यह सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 42 के परिप्रेक्ष्य में इस अधिनियम की धारा 4 के तहत 200 सिद्ध हेतु पृथक से दंडित करने के बजाय भारतीय दंड संहिता की धारा 376/ 3 के तहत दंडित करना उपयुक्त पाया।
उक्त घटना जामुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत 26 जनवरी 2022 की है। पीड़ित बच्ची ने घटना के बारे में अपनी मां को 3 फरवरी 2022 को जानकारी दी। इसके बाद उसकी मां प्रार्थीया के द्वारा थाने में एफ आई आर दर्ज कराया गया। न्यायालय में प्रकरण में तेजी से सुनवाई और वितरण करते हुए लगभग 1 साल 6 महीने के भीतर फैसला सुना दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले के तैतीस प्रकार है कि आरोपी पीड़ित बच्ची को थोड़ा यहां से आते हैं बोलकर तथा उसके द्वारा मना करने पर उसे बहला फुसला कर अपने के घर के पीछे जहां कचरा फेंकते हैं फिर जंगल ले गया तथा दुष्कर्म किया। प्रवेशन लैंगिक हमला कारीत किया एवं पीड़िता को और उसके घर वालों को जान से मारने की धमकी दी।
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को अपराध प्रमाणित करने में सफल पाया। न्यायालय के द्वारा अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 376/ 3 के अपराध में 20 साल के कठोर कारावास और धारा 506 के अपराध में एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी ।
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