हजारों अभ्यर्थी नही दे पाएंगे सूबेदार,सब इंस्पेक्टर की परीक्षा

 रायपुर, दुर्ग।

असल बात न्यूज़।।  

पिछले लगभग 4 वर्षों से सूबेदार उपनिरीक्षक बनने के लिए प्रतीक्षारत हजारों युवा अभ्यर्थी इसकी लिखित परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इसकी लिखित परीक्षा राज्य के व्यापम के द्वारा आयोजित की जा रही है। जिन  अभ्यर्थियों ने विभागीय दस्तावेज एवं शारीरिक माप परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है उन्हें इस लिखित परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थी घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि बाद में लिखित परीक्षा के लिए एक और फार्म भरना निर्धारित कर दिया गया । हजारों अभ्यर्थी यह फॉर्म भर नहीं सके । इसकी वजह से अब इस लिखित परीक्षा में बैठने के लिए उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं किया गया है। 

राज्य में लाखों युवा अपनी शिक्षा के अनुरूप रोजगार हासिल करने के लिए भटक रहे हैं। उन्हें रोजगार का कोई समुचित अवसर नहीं मिल रहा है। इसके चलते यहां से शिक्षित बेरोजगारों का हजारों की संख्या में प्रतिवर्ष पलायन भी हो रहा है। ऐसी स्थिति में यहां सूबेदार उपनिरीक्षक संवर्ग प्लाटून कमांडर की भर्ती निकली तो इस पद पर भर्ती के लिए लाखों अभ्यर्थियों ने  आवेदन किया है। भर्ती के लिए आवेदन मांगे जाने के बाद युवाओं के द्वारा इन पदों पर भर्ती के लिए लगभग 4 साल पहले से आवेदन किया गया है लेकिन भर्ती की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं की जा सकी है। इससे इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अभी भी उम्मीद -नाउम्मीद के झंझावतों से जूझते हुए अभी भी भटक रहे हैं। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में से लगभग 70 हजार अभ्यर्थियों का इसकी लिखित परीक्षा के लिए चयन किया गया है। ऐसे अभ्यर्थियों को दस्तावेज एवं शारीरिक माप परीक्षण में पात्र पाए जाने के बाद उन्हें सूचना दी गई थी कि उनके प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तिथि एवं प्रवेश पत्र को छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह सूचना लिखित में दी गई थी। इसके बाद कई वर्षों तक इसकी प्रक्रिया लटकी रही। बीच में इस लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को एक और फार्म भरने को कहा गया। बताया जा रहा है कि हजारों अभ्यर्थी यह फॉर्म नहीं भर सके और अब उनका प्रवेश पत्र अटक गया है। इसकी लिखित परीक्षा आगामी 29 जनवरी को होने जा रही है। 

विभाग के द्वारा उक्त फार्म को नहीं भरने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र को रोक देने को विधि पूर्ण बताया जा रहा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह फार्म भरने के लिए अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर दिया गया था लेकिन वे फॉर्म नहीं भर सके जिससे अब परीक्षा देने से वंचित हो गए हैं। दूसरी तरफ परीक्षा देने से वंचित होने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें यह फार्म भरने के बारे में समुचित जानकारी नहीं मिली। उन्होंने भर्ती के लिए जब आवेदन मंगाया गया तो उसमें पूरा फार्म भरा था तथा पूरी फीस जमा की थी। ऐसे में उन्हें परीक्षा देने से रोकना उचित नहीं है।

 फिलहाल हजारों छात्र यह परीक्षा देने से वंचित रह जाने की आशंका से निराश हैं तथा जगह-जगह गुहार लगा रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने इस संबंध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है तथा सभी पात्र अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र जारी करने और परीक्षा में बैठने का अवसर देने का आग्रह किया है।पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि  राज्य में शिक्षित बेरोजगारों की नौकरी के लिए पिछले कई वर्षों से वैसे भी कोई भर्ती नहीं निकली है। अब यह सूबेदार /उपनिरीक्षक/ प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती निकली है जिसके लिए वे सभी पात्र भी घोषित किए गए हैं तो अब एक फार्म के नाम से उन्हें परीक्षा में बैठने से देने से रोका जा रहा है। इससे सभी में बहुत निराशा है। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि उस समय उन्हें परीक्षा के लिए पूरी फीस भरनी पड़ी थी। वे 4 वर्षों से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इसके दस्तावेज एवं शारीरिक मां परीक्षण के परिणाम में साफ बताया गया है कि प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तिथि एवं प्रवेश पत्र वेबसाइट पर उपलब्ध किया जाएगा। ऐसे में कब अलग से फॉर्म भरने को कहा गया इसके बारे में अभ्यर्थियों को जानकारी नहीं मिल सकी। जिससे वे यह  फॉर्म भरने से वंचित रह गए थे और अब उनका प्रवेश पत्र रोका जा रहा है।


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