दूसरे स्थानों से संक्रमित पहुंच रहे हैं, लेकिन आरटी पीसीआर नहीं होने की वजह से जिले के आंकड़ों में काउंट नहीं

कोरोना संक्रमितों की वास्तविक आंकड़ों के सामने नहीं आने की आशंका 

दुर्ग, भिलाई।
असल बात न्यूज़।।  

       00 विशेष संवाददाता 

आशंका है कि कोरोना संक्रमितों के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं।जानकारी सामने आ रही है कि दूसरे स्थानों से कोरोना के कई संक्रमित यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन तकनीकी कारणों से जिले के आंकड़ों में उनकी गिनती नहीं हो पा रही है। इससे नए मिलने वाले कई संक्रमितों की पहचान भी नहीं हो पा रही है। पिछले तीन दिनों के भीतर कोरोना के दो संक्रमितों के यहां पहुंचने की जानकारी मिली है लेकिन जिले के आंकड़ों में उनकी गिनती दर्ज नहीं हो पाई है। यहां अभी जो भी संक्रमित मिला है वह बाहर से ही संक्रमित होकर आया है। कोई भी फिलहाल, यहां संक्रमित नहीं हुआ है। 

अभी जो परिस्थितियां हैं और तकनीकी दिक्कतें हैं कहा जा सकता है कि कोरोना के संक्रमितों के सही आंकड़े हमारे पास नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई संक्रमितों की गिनती जिलों के आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पा रही है। लेकिन बाहर से आने वाले ढेर सारे लोगों में कोरोना संक्रमित होने के लक्षण मिल रहे हैं। जिला प्रशासन के द्वारा सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले लोगों का कोरोना परीक्षण करने की व्यवस्था की गई है। अभी रेलवे स्टेशन पर कोरोना का नियमित रूप से परीक्षण होता दिख रहा है लेकिन बस स्टैंड पर इसकी व्यवस्था खत्म कर दी गई लगती है। बस, टैक्सियों से आने वाला कोई यात्री कोरोना संक्रमित होता है तो उसका परीक्षण करने की सुविधा कहीं नजर नहीं आ रही है। वैसे भी यात्री कोरोना टेस्ट कराने से बचना चाहते हैं और जब टेस्ट की सुविधा ही नहीं उपलब्ध कराई गई है तो सही आंकड़ों का सामने आना तो असंभव जैसा ही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर रेलवे स्टेशन, दुर्ग रेलवे स्टेशन और पावर रेलवे स्टेशन पर कोरोना के टेस्ट की व्यवस्था की गई है। यहां कोरोना का एंटीजन टेस्ट करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लेकिन यहां पर कोरोना संक्रमित पाए जाने वाले का आरटीपीसीआर परीक्षण कराना आवश्यक होता है तभी जाकर उसका कोरोना संक्रमित होना कंफर्म हो पाता है। लेकिन स्टेशनों में जो भी संक्रमित मिल रहे हैं जानकारी मिल रही है कि उनका आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं हो पा रहा है और कहां जा सकता है कि कहीं भी कोरोना संक्रमितों के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं। आशंका है कि यही कमी आगे चलकर खतरनाक रूप ले सकती है।
हमें मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर पिछले 3 दिनों के भीतर दो नए संक्रमित पाए गए। ये संक्रमित अलग-अलग स्थानों से यहां पहुंचे थे, जिनका रेलवे स्टेशन पर संचालित कोरोना टेस्ट केंद्र के द्वारा एंटीजन टेस्ट  किया गया। लेकिन इन संक्रमितो का आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं हो सका। कोरोना संक्रमितो का आरटीपीसीआर टेस्ट  जिला अस्पताल में ही कराने में ही कराने की सुविधा उपलब्ध है। जिसके चलते बताया जा रहा है कि इनकी गिनती जिले के आंकड़ों में दर्ज नहीं हो सकी है। 

बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों के भीतर पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर कोरोना टेस्ट में दो संक्रमित मिले हैं। लेकिन इन संक्रमितो की पहचान नहीं हो पाई है। ये बाहर से कहां से यहां पहुंचे हैं इसका भी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जानकारी के अनुसार इन लोगों ने आधा अधूरा कांटेक्ट नंबर दिया है जिसकी वजह से इनकी पहचान नहीं हो पा रही है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अपने अधिकृत आंकड़ों में दुर्ग जिले में पिछले तीन दिनों के दौरान कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिलना बताया जा रहा है। लेकिन इधर वास्तविकता है कि पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर इसी अवधि में कोरोना के लक्षण वाले दो संक्रमित मिले हैं।



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