राष्ट्रपति ने म्हाडा विधेयक को मंजूरी दी

 


 

मुबंई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास अधिनियम (म्हाडा) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि यह निर्णय राज्य और मुबंईवासी के आवास क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है। विधेयक में संशोधन ने मुंबई में खतरनाक और उपकर भवनों के पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त किया।
नए कानून के अनुसार, जिन उपकर भवनों का निर्माण रुक गया था या अधूरा रह गया था, उन्हें म्हाडा द्वारा पुनर्विकास के लिए अधिग्रहित किया जा सकता है। वर्तमान में मुंबई शहर में लगभग 56 ऐसी इमारतें हैं जिनका पुनर्विकास लंबित है या वे अधूरी रह गई हैं। अब म्हाडा के लिए ऐसे उपकर भवनों को सीधे अपने कब्जे में लेना और उनका पुनर्विकास करना संभव होगा।
इसी तरह यदि मुंबई नगर निगम ने किसी उपकर भवन को खतरनाक घोषित किया है, तो ऐसे भवन के पुनर्विकास के लिए सबसे पहले उसके मकान मालिक को मौका दिया जाएगा। यदि वह छह महीने के भीतर पुनर्विकास का प्रस्ताव दाखिल करने में विफल रहता है, तो किरायेदार को दूसरा मौका दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने 28 जुलाई को लंबित पुनर्विकास योजना से संबंधित लंबित मामले के सभी फोटोग्राफ एवं जानकारी सहित सूचना एवं समस्त दस्तावेज भिजवाये थे।