आरक्षण के प्रतिशत में कमी के विरोध में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा आगामी 8 नवंबर से शुरू करेगा जिला मुख्यालयों का घेराव

 रायपुर।

असल बात न्यूज़।।  

भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति के द्वारा अनुसूचित जनजाति मोर्चा वर्ग के आरक्षण के प्रतिशत में कमी के विरोध में 8और 9 नवंबर को बस्तर और अंबिकापुर संभाग के जिला मुख्यालयों का घेराव किया जाएगा। मोर्चा की प्रदेश इस्त्री बैठक में आज इसका निर्णय लिया गया है।

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्यसभा सदस्य और पूर्व मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में प्रदेश में हम लोग,,अनुसूचित जनजाति के लोग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।इस वर्ग  को छलने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे प्रदेशों में  अनुसूचित जनजाति वर्ग को 50% से अधिक आरक्षण लागू हुआ है लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य में ही इस वर्ग  के आरक्षण का प्रतिशत कम हो गया है। इसे ऐसी आशंका दिख रही कि सरकार में आदिवासी विरोधी मानसिकता वाले लोग राज कर रहे हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग अब ऐसी मानसिकता वाले लोगों को  सबक सिखाने सड़क की लड़ाई शुरू कर रहा है।

 उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जनजाति वर्ग का आरक्षण 32 से 29% पर आ गया। इसमें निश्चित रूप से शासन की तैयारियों में कमी नजर आती है। राज्य सरकार के द्वारा अनुसूचित जनजाति के वर्ग को प्रलोभन देने तरह-तरह बातें की जा रहे हैं लेकिन साफ लग रहा है कि अभी सरकार ने तरह तरह से अनुसूचित जनजाति वर्ग को ठगने का काम किया है। 

उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए आरक्षण देने की संवैधानिक व्यवस्था की गई है। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार जो आरक्षण लागू था उसे यथावत रख पाने में असफल साबित हुई है। यह सब जानते हैं कि किन  लोगों की और उसे कमियां की गई है। राज्य में अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण का प्रतिशत कम होने से यह वर्ग आहत महसूस कर रहा है। 

प्रेस कॉन्स में इस दौरान मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामविचार नेताम के साथ पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी, पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रभारी खाम सिंह मांझी,देव लाल ठाकुर इत्यादि भी उपस्थित थे।

मोर्चा के द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग का आरक्षण का प्रतिशत 32 से घटाकर 20% किए जाने के विरोध में 16 से 20 नवंबर तक संभाग स्तरीय गौरव दिवस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा तथा बस्तर में 21 नवंबर को और सरगुजा संभाग में 28 नवंबर को संभागीय मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन रोष व्यक्त किया जाएग।