एकलव्य आदर्श विद्यालयों में बढ़ाएंगे सुविधा, कमजोर जनजाति समूह के बच्चों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत

 


रायपुर। आदिम जाति विभाग अब आदर्श एकलव्य विद्यालयों की सुविधा बढ़ाने की तैयारी में है। विभाग की आयुक्त शम्मी आबिदी ने एकलव्य विद्यालयों के बेहतर संचालन के लिए एकलव्य आदर्श विद्यालयों के प्राचायों एवं छात्रावास अधीक्षकों की बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में अध्ययनरत कमजोर जनजाति समूह के बच्चों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

ये बच्चे बहुत ही विषम परिस्थितियों से आते हैं, जिसके कारण इनमें शिक्षा का स्तर अन्य बच्चों की तुलना में अपेक्षाकृत कम होता है। आबिदी ने कहा कि इनमें शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और इनमें साक्षरता की दर को बढ़ाना प्राचायों व छात्रावास अधीक्षकों का मुख्य उददेश्य होना चाहिए।

समीक्षा बैठक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में आयोजित की गई। विद्यालय में सौर ऊर्जा की व्यवस्था कराने, आरओ वाटर प्यूरिफायर की ओर अधिक मशीन लगाने, हैडपंप, बोर, पानी टंकी, तड़ित चालक, इन्वर्टर आदि की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया।

एकलव्य विद्यालयों में सभी बच्चों को कापी-किताबें, गणवेश, जूता-मौजा, स्कूल बैग आदि समय पर मिल जाने चाहिए। विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम का शिक्षक उपलब्ध न होने पर शीघ्र आउटसोर्सिंग से अंग्रेजी शिक्षक की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। विद्यालयों में अच्छी लाइबेरी, कंप्यूटर लैब आदि की भी व्यवस्था करने कहा गया।

सरकारी कार्यालयों में अब छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाना अनिवार्य

राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में अब छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सामानय प्रशासन विभाग (जीएडी) आदेश जारी कर दिया है। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को सरकारी भवनों, कार्यालयों, कार्यक्रमों केअलावा सभी सरकारी शैक्षणिक शिक्षण संस्थानों, प्रशिक्षण संस्थानों, पंचायतों और स्थानीय निकायों में भी लगाया जाए।

सभी सरकारी कार्यक्रमों के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ महतारी केचित्र पर श्रद्धापूर्वक पूजन-वंदन और नमन किया जाए। इससे पहले 18 जून को सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाने का निर्देश जारी किया था।