धान की प्रचलित किस्मों का रकबा 5 लाख हेक्टेयर कम करने विशेष अभियान, किसानों से ली जा रही है सहमति

 *धान की प्रचलित किस्मों का रकबा 5 लाख हेक्टेयर कम करने विशेष अभियान

*अब तक 3.21 लाख किसानों ने दी अन्य फसल लेने की सहमति


रायपुर ।

असल बात न्यूज़।। 

राज्य में इस साल फिर से नए सिरे से धान के रकबे को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को धान की जगह दूसरी फसल लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। धान की प्रचलित किस्म की जगह किसानों को, सुगंधित धान, ज़िंक धान, जैविक धान, तथा दलहन तिलहन की फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 खरीफ 2022 में धान के बदले अन्य फसलों के क्षेत्राच्छान को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इस साल 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की प्रचलित किस्मों के स्थान पर धान की विशेष किस्मों यथा सुगंधित धान, जिंक धान एवं जैविक धान तथा अन्य फसलों जैसे-मक्का, कोटो-कुटकी, रागी, अरहर, उड़द, मूंग, तिल, रामतिल, सोयाबिन एवं गन्ना को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इस विशेष कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य के 3 लाख 21 हजार किसानों द्वारा एक लाख 70 हजार हेक्टेयर रकबे में धान के बदले अन्य फसल लेने की सहमति दी गई है। सहमत किसानों में से 10,847 किसानों द्वारा लगभग 8,762 हेक्टेयर में क्षेत्र में गन्ना एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की बोनी की गई है।