स्वरूपानंद महाविद्यालय मे तंबाकू मुक्त वातावरण हेतू जागरुकता कार्यक्रम

 

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में यूजीसी के निर्देशानुसार छात्र/ छात्राओं को तंबाकू मुक्त वातावरण निर्मित करने हेतु जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा " शैक्षणिक संस्थान में स्वास्थ्य और तंबाकू मुक्त वातावरण का निर्माण" के विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन कार्यक्रम का आयोजन किया गया|

 राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक दीपक सिंह ने कहा कार्यक्रम कराने का उद्देश्य विद्यार्थियों को तंबाकू मुक्त वातावरण के लाभ बताना तथा तंबाकू के प्रयोग से पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराना है।

डॉ दीपक शर्मा, सीओओ ने कहा ऐसे कार्यक्रम के आयोजन से विद्यार्थी तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को समझेंगे तथा दूसरों में भी जागरूकता फैलाएगे।

डॉ हंसा शुक्ला, प्राचार्या ने कहा यदि विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में शैक्षणिक संस्थानों में बताया जाएगा तो वे एक जागरूक नागरिक बनेंगे।

तंबाकू न केवल व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, बल्कि यह पर्यावरण के स्वास्थ्य को भी खतरे में डालता है। जब ई-सिगरेट और सिगरेट के कचरे का ठीक से निपटान नहीं किया जाता है, तो यह पर्यावरण में अपना रास्ता बना लेता है, जहां यह जहरीले रसायनों, भारी धातुओं और अवशिष्ट निकोटीन के साथ पानी, हवा और भूमि को प्रदूषित करता है। अनुमानित 766,571 मीट्रिक टन सिगरेट बट्स हर साल पर्यावरण में अपना रास्ता बनाते हैं।


तंबाकू के प्रयोग से लोगो के साथ ही साथ पर्यावरण पर होने वाले  दुष्प्रभाव को  समझाने के  उद्देस्य  से महाविद्यालय के  छात्र-छात्राओं ने आस पास के  क्षेत्र जैसे हुडको ,सैक्टर  सात और आठ सिविक सेन्टर   मे पोस्टर और स्लोगन लगाकर लोगो को जागरुक करने का प्रयास किया

कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र/ छात्राओं के नाम निम्ननुसार है बीबीए द्वितीय सेमेस्टर से स्नेहा नाइक, अंजलि रजक, तेजल महिष्कर, भाग्यश्री, मिताली, दीपशिखा, सनी सिंग, मोनिका, एंजेल, बीबीएस चतुर्थ सेमेस्टर से मेघा उइके, आशिया खरे, डोना, शिखा देशमुख, प्रणव साहू, आयुष पाल नॉन्नहरे, बीएड द्वितीय सेमेस्टर से युक्ति साहू, भावना, राजकुमारी पटेल, खुशबू साहू, अनुषा एक्का, डिंपल साहू, पंकज कुमार रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशबू पाठक विभागाधयक्ष प्रबंधन विभाग एवं दीपाली किंगरानी सहायक प्राध्यापक प्रबंधन विभाग ने विशेष योगदान दिया।