सांसद विजय बघेल ने करंट की चपेट में आ जाने से मृत देवेंद्र मारकंडेय के मामले में अनुविभागीय अधिकारी पाटन को दिया ज्ञापन

 00 तीन सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन 

पाटन, दुर्ग।

असल बात न्यूज़।।

सांसद विजय बघेल ने गौठान में कार्य के दौरान मृत नगरपालिका पाटन के कर्मचारी देवेंद्र मार्कंडेय को सहायता राशि दिलाने के मामले में अपनी मांगो का अनुविभागीय अधिकारी पाटन को भी ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मृतक के परिजनों को ₹50 लाख रुपए की सहायता राशि दिलाने के साथ मुख्य तौर पर तीन मांगे की गई है। सांसद विजय बघेल के साथ इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार पाटन विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी विपुल कुमार गुप्ता को सांसद विजय बघेल के कार्यालय में आने के समय के बारे में  पूर्व से जानकारी प्राप्त हो गई गई थी और वे वहां उपस्थित होकर उनका पहले से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कार्यालय से बाहर आकर सांसद विजय बघेल से ज्ञापन प्राप्त किया।इस दौरान पाटन विकासखंड के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सांसद विजय बघेल के द्वारा उक्त संबंध में सौपे गए ज्ञापन में मुख्य तौर पर मृतक के परिजनों को₹50 लाख रुपए की सहायता राशि देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने तथा घटना के लिए जिम्मेदार विभागीय लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है। ज्ञापन में सांसद विजय बघेल के साथ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षा लोकमणी चंद्राकर, भाजपा के मध्य पाटन मंडल अध्यक्ष खेमलाल साहू, दक्षिण पाटन मंडल अध्यक्ष लालेश्वर साहू उत्तर पाटन मंडल अध्यक्ष लोकमणी चंद्राकर तथा कुम्हारी मंडल अध्यक्ष पी एन दुबे ने हस्ताक्षर किया है। इस दौरान वहां जितेंद्र वर्मा, पूर्व पार्षद निशा सोनी, नेता प्रतिपक्ष निक्की भाले, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष खेमलाल देशलहरे, केशव रानी बंछोर, टोनी सिंह, प्रकाश चंद्राकर, प्रकाश यादव, अरुण सिंह, मनमोहन शर्मा इत्यादि सहित भाजपा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अनुविभागीय अधिकारी श्री गुप्ता ने हमसे बातचीत करते हुए बताया कि यह शासन से संबंधित मामला है। जो ज्ञापन सौंपा गया है उसे आगे कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।

यह ज्ञापन सौंपने के पहले सांसद विजय बघेल ने मृतक के परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की तथा संबंधित गौठान पहुंचकर मौके का मुआयना किया और वहां कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत की।उन्होंने सर्वप्रथम मृतक के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना भी प्रकट की।

इसी दौरान पाटन में ही पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद विजय बघेल ने कहा कि व्यवस्थाएं सही होती, तो भाई देवेंद्र मारकंडे की करंट लगने से अकाल मौत नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सहायता राशि देने में छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

सांसद विजय बघेल ने नगर पंचायत पाटन के कर्मचारी देवेंद्र कुमार मारकंडे की गौठान में काम करने के दौरान मृत्यु के मामले में स्थल का निरीक्षण और वहां के  कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद इस घटना में आज कई तरह का संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शासन प्रशासन के द्वारा जो वस्तुस्तिथि इस मामले में सामने लाई गई है वैसा ही सब नहीं है। इसे स्वीकार करना चाहिए कि समुचित उपाय किए गए होते तो करंट लगने से देवेंद्र मारकंडेय की जान नहीं गई होती। उन्होंने कहा कि मामले में ऐसा लगता है कि बहुत कुछ छुपाने की कोशिश की जा रही है जिसे सामने लाया जाना जरूरी है।  उन्होंने पीड़ित के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा घटना के बाद मृतक के परिजनों को जो सहायता राशि देने की घोषणा की गई है उसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इस सरकार के मन में  छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कैसी अमानवीय भावनाएं और रुख है वह इस घटना से भी सामने आ गया है।

   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ₹50 लाख रुपए दिया जा सकता है तो छत्तीसगढ़ में भी एक पीड़ित, जो अव्यवस्थाओं की लापरवाही से अचानक दुर्घटना का शिकार हो गया, के परिजनों को  समुचित राशि का मुआवजा मिलना ही चाहिए। 

गौठनों में हर जगह अव्यवस्था फैली हुई हैं। सुविधाओं की कमी है। पूरा पैसा भ्रष्टाचार में चला जा रहा है। उसकी वजह से ऐसी घटना हुई है। यह सबको स्पष्ट समझ में आता है कि खुले में करंट प्रवाहित हो रहा होगा तभी कोई उसकी चपेट में आ सकता है। एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश की जा रही है।  गौठानों के लिए जो पैसा आ रहा है वह भ्रष्टाचार का शिकार हो जा रहा है जिसकी वजह से यहां जो सुविधाएं उपलब्ध होना चाहिए उपलब्ध नहीं है। 

 

 सांसद श्री बघेल ने   कहा कि वहां मशीन, पहले से ही खराब थी। जिसकी जानकारी मजदूरों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन इस पर किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया गया। अगर उसी समय अधिकारियों द्वारा इन शिकायतों पर संज्ञान ले लिया गया होता तो  यह दुःखद दिन देखना नहीं पड़ता।

सांसद श्री विजय बघेल के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भी  स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।