उफ... हाय...... इतना भयानक... दर्दनाक .. नहीं हो सकता..


टमाटर महंगा हो गया, आदमी का खून सस्ता हो गया

 रायपुर।

असल बात न्यूज।।

0  विशेष संवाददाता 

0 अशोक त्रिपाठी

छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले के पत्थलगांव में वाहन से भीड़ को भयानक तरीके से रौंद देने की जो दिल को दहला देने वाली घटना हुई है उसका जो पहला वीडियो सामने आया है उसे देख कर हर कोई  यही कह रहा है कि पहली नजर में ही देखने में ही यह साफ साफ दिखता है कि यह भीड़ को कुचलकर मार देने की स्पष्टता साजिश  है। एक दहशत फैलाने की कोशिश है। वारदात के हालात को देखकर आशंका जाहिर की जा रही है कि यह अनजाने में हुई कोई घटना नहीं वरन भीड़ में शामिल लोगों को मौत के घाट उतार देने की हत्या की घटना है। यहां एक भयानक षडयंत्र हुआ है। लोगों को मौत के घाट उतार देने का षड्यंत्र हुआ है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि ऐसा हो ही नहीं सकता और निश्चित रूप से ऐसा कोई कारण  नहीं हो सकता कि भीड़ की जहमदानी और  शोर, भक्ति मय गीतों के धुन, पठाके बाजी के शोर के बीच इतनी भारी भीड़ वाहन चालक  को नहीं दिखी हो। बल्कि जो वीडियो सामने आ रहा है उसमें देखने लगता है कि वहां वाहन चालक ने भीड़ को देखकर अपने वाहन की स्पीड और बढ़ा दी। वाहन चालक ने किसी को बिल्कुल एहसास नहीं होने दिया कि वह इतनी तेज रफ्तार से भीड़ को कुचलने जा रहा है। किसी को बचने का कोई मौका नहीं दिया। उसने बचने के लिए किसी को भी सचेत करने की तनिक भी कोशिश नहीं की। ब्रेक लगाना तो दूर की बात है उसने हॉर्न तक नहीं बजा कर किसी को तनिक भी एहसास नहीं होने दिया कि वह क्या करने जा रहा है। सिर्फ सबको उड़ाता हुआ भागने की कोशिश करता रहा। वाहन की ठोकर से भीड़ में शामिल श्रद्धालु पुतले पुतली, गुड्डे गुड़िया की तरह उड़ गए और वह वाहन उस पर उन्हें तेज रफ्तार से रोंदते हुए आगे भाग गई। 

 घटना के समय उपस्थित आक्रोशित लोगों के द्वारा वाहन की स्पीड इस आशय से भी बढ़ा दिए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है कि दुर्घटना में अधिक से अधिक लोगों को  वाहन से कुचला जा सके। मारा जा सके। फ्रांस और अमेरिका में भी आतंकवादियों के द्वारा पहले भी इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। वाहनों से कुचल कर भीड़ में शामिल सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। फिलहाल घटना की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। घटना में एक व्यक्ति की जान चली जाने और 16 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर आ रही है। अब आगे जो जांच होगी उसमें घटना  की सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल अच्छी बात है कि वाहन चालक और उसमें सवार व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। कड़ी पूछताछ की जा रही है। पत्थलगांव की  सड़क रक्तरंजित है और यहां से कई सवाल उठ रहे हैं।

मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकली रैली के भीड़ में शामिल लोगों को वाहन से कुचलकर अकाल मौत के घाट उतार दिया गया। जिन लोगों ने घटना के video को देखा है और प्रत्यक्षदर्शियों  का कहना है कि इसमें कोई संदेह नहीं किया जा सकता कि इतनी भारी भीड़ वाहन चालक को ना दिखाई दे रही हो। बल्कि काफी दूर से ही उसे इतनी भारी भीड़   दिखाई दे रही रही होगी। घटना के वीडियो को देखने पर साफ साफ आशंका हो रही है कि उक्त वाहन चालक ने इस भीड़ को देखकर अपने वाहन की स्पीड और अधिक बढ़ा दी। घटना को और अधिक भयावह बनाने के लिए उसने अपने वाहन की गति तेज कर दी। वाहन की स्पीड बढ़ा दी। उसने भीड़ में शामिल लोगों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें मौत के घाट उतार देने के लिए अपने वाहन की स्पीड बढ़ा दी।इस घटना की कई एंगल से बारीकी से जांच करने की जरूरत पड़ेगी। लोगों का कहना है कि यह प्रथम दृष्टया ही वाहन से कुचल कर हत्या कर देने का मामला नजर आता है, लेकिन फिल्मी स्टाइल  में पीछे से और कोई कारण सामने आ जाए तो कहा नहीं जा सकता। वाहन चालक ने इस दौरान एक भी बार वाहन का हॉर्न तक नहीं बजाया, जिससे किसी को आभास हो सके कि पीछे से कोई तेज रफ्तार वहां आ रही है। वाहन चालक भीड़ देखकर हॉर्न  बजाता तो निश्चित रूप से भीड़ में शामिल लोग अगल-बगल हो सकते थे। उसने ऐसा कुछ नहीं कर लोगों को सावधान होने का कोई मौका ही नहीं दिया और भीड़ को कुचल कर तेज  रफ्तार से ही  भागने की कोशिश की।

घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें साफ साफ दिख रहा है कि माता के विसर्जन के लिए भक्ति जुलूस भक्ति वातावरण में आगे बढ़ रहा है।पूरा माहौल शांतिपूर्ण है। आसपास अन्य लोगों की भीड़ भी नहीं है। श्रद्धालु पटाखे फोड़ रहे हैं। नाचते गाते चल रहे हैं। अचानक पीछे से उक्त हत्यारे वाहन का अत्यंत तेज रफ्तार से  आना होता है और उसने  भीड़ में शामिल लोगों को तेज रफ्तार से कुचलते हुए तेज रफ्तार से ही भागने की कोशिश की और   काफी आगे भाग जाते हैं। वहां मौजूद लोगों का कहना है और इसके वीडियो में भी ऐसा ही नजर आ रहा है कि लोगों को कुचल देने के बाद भी वाहन चालक के द्वारा वाहन को रोकने की कोई कोशिश की गई होगी ऐसा कहीं नजर नहीं आता। बल्कि लोगों को कुचल देने के बाद पूरी तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की गई है। जो दिख रहा है उसे साफ स्पष्ट है कि जशपुर की घटना में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। यह अत्यंत अमानवीय कृत्य है। इसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक जशपुर कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार सड़क दुर्घटना की घटना के दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। 

आरोपी

1.बबलू विश्वकर्मा पिता राधेश्याम विश्वकर्मा उम्र 21 वर्ष निवासी सिंगरौली , बैढ़न 

2. शिशुपाल साहू पिता रामजन्म साहू उम्र 26 वर्ष निवासी बरगवान थाना बरगवां जिला सिंगरौली

दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के निवासी हैं एवं छत्तीसगढ़ से पास हो रहे थे। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है।


इस घटना को हृदय विदारक बताते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया दोषी पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोई भी बख्शा नहीं जाएगा सबके साथ न्याय होगा। उन्होंने हादसे में दिवंगत की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जाहिर की है उन्होंने कहा है कि जशपुर की घटना में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। इस अमानवीय हरकत के दोषियों सख़्त से सख़्त सज़ा मिलेगी, चाहे वह कोई भी हो। 

पत्थलगांव में हुई घटना के बारे में गृह मंत्री  ने जशपुर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से चर्चा कर उन्हें घायलों के उचित इलाज और आरोपियों पर सख्त कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।इधर ताजा जानकारी आई है कि वह तो वहां का पुलिस पीछा कर रही थी। उस वाहन में पुलिस को गांजा लदे होने की जानकारी मिली थी। हालांकि इसके वीडियो में पीछा करते हुए पुलिस की कोई गाड़ी सामने नहीं आई है। कई लोग वाहन में गांजा  लदे होने की बात कर रहे हैं । इसमें यह सवाल किया जा रहा है कि राज्य की पुलिस को कब पता लगा कि उसमें गांजा भरा है और क्या पत्थर गांव से ही उस वाहन का पीछा करना शुरू किया गया और इतनी भीड़ भरे वाले स्थान तक पहुंचने के पहले उस वाहन को रोकने में पुलिस को सफलता क्यों नहीं मिली। क्या किसी के द्वारा उस वाहन को भीड़ भरे रास्ते की ओर जानबूझकर दौड़ाया गया। निश्चित रूप से यह कतई महज भयानक दुर्याग नही हो सकता कि बुरी नियत वाले वाहन चालक ने निश्छल धार्मिक रैली की तरफ तेज रफ्तार गाड़ी दौड़ा दी और जब तक अधिक से अधिक लोगों को कुचल नहीं दिया तब तक रुका नहीं। जिस तरह से वीभत्स भयानक तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है उसी से साजिश के कई शक पैदा होते हैं। किसी भी सार्वजनिक  रैली के निकलने पर स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा उसे सुरक्षा मुहैया कराने तथा वहा कानून व्यवस्था बनाए रखने का इंतजाम   किया जाता है। रैली से किसी दूसरे को परेशानी ना हो और किसी दूसरे से रैली को परेशानी न हो इसकी व्यवस्था की जाती है। व्यवस्था के लिए सुरक्षा बल उपलब्ध कराए जाते हैं। किसी धार्मिक रैली में कोई दूसरा प्रवेश न कर सके, कोई वहां अव्यवस्था ना पैदा कर सके इसके इंतजाम के आते हैं। पत्थलगांव में यह इंतजाम पता नहीं कहां धरे के धरे रह गए। लोगों की आंखों में बहा शॉप पर बता खून दिख रहा है तब शासन प्रशासन की नींद खुल रही है। यहां क्या ये व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ऐसे कई सारे सवाल है जो आक्रोशित लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं। शक्ति की देवी मां दुर्गे, मां दुर्गा देवी की विसर्जन रैली से यह मामला जुड़ा हुआ है जिससे निश्चित रूप से लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना जुड़ी हुई हैं। तो ऐसे मामले में , श्रद्धालुओं को कुचल देने के मामले में कई सवाल निश्चित रूप से लगातार उठते रहेंगे। पत्थलगांव टमाटर का बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। वहां के टमाटर दूर-दूर तक बिकते हैं और उन्हें काफी पसंद किया जाता है। रसीले मिठास पूर्ण इन टमाटर में पत्थलगांव की अपनी अलग पहचान बनी है। आज पत्थलगांव रो रहा है। वहां सड़क पर फैले खून कई सवालों का जवाब मांग रहे हैं। पत्थलगांव को लग रहा है हमारा टमाटर महंगा हो गया हैं इंसान का खून सस्ता हो गया है।

दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।