बच्ची के पालन पोषण के लिए काउंसलर नियुक्त, महिला आयोग का फैसला

 राज्य महिला आयोग में चार दिनों में 100 प्रकरणों की सुनवाई

 

रायपुर । असल बात न्यूज़।

आवेदिका की बच्ची है,यह जानते हुए शादी की लेकिन शादी के बाद बच्चे के पालन पोषण स्वीकार करने लगा। महिला आयोग ने इस मामले में बच्ची के समुचित पालन पोषण की देखरख के लिए काउंसलर की नियुक्ति की है।

 छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के राजधानी के शास्त्री चैक स्थित आयोग कार्यालय में अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक ने आज रायपुर संभाग की महिलाओं की शिकायतों पर जन-सुनवाई की। जन-सुनवाई के चैथे दिन की जन सुनवाई के साथ चार दिनों में रायपुर सम्भाग के 100 प्रकरणों की सुनवाई पूरी हो गयी है।

आयोग के समक्ष आए एक प्रकरण में आवेदिका की बच्ची है,यह जानते हुए अनावेदक ने उससे आर्य समाज में शादी की। शादी के बाद पति द्वारा बच्ची के पालन-पोषण के लिये मना करने को अध्यक्ष डाॅ. नायक ने गंभीरता से लेते हुए अनावेदक को आवेदिका को सम्मानपूर्वक रखने की समझाईश देते हुए आयोग की काउंसलर को दोनों पक्षों की निगरानी के लिये नियुक्त किया। इसी तरह आयोग के समक्ष आए दो प्रकरणों में से एक में अनावेदक ने अपने 2 बच्चों के लिये 5 हजार रूपये नियमित रूप से देने और दूसरे में अनावेदक ने आवेदिका को तीन हजार रूपये भरण-पोषण राशि देने की सहमति दी। 

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