विधायक को धमकी देने के मामले में विधानसभा में जमकर हो हल्ला,, विपक्ष ने पूरे मामले की सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की,

 रायपुर। असल बात न्यूज़।।

वरिष्ठ विधायक बृहस्पति सिंह को कथित तौर पर एक मंत्री के द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले को लेकर विधानसभा में आज  जमकर हंगामा  हुआ। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के सभी सदस्य एक साथ खड़े हो गए तथा पूरे मामले की सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की। विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए हत्या की धमकी दी जा रही है। विधायकों को संरक्षण नहीं मिलेगा , उनकी जान पर खतरा रहेगा तो वे कैसे काम कर सकेंगे। इस पर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधायकों की सुरक्षा की हमें पूरी चिंता है। आसंदी से स्पीकर चरणदास महंत ने कहा कि उनके लिए सभी पक्ष को सुनना जरूरी है। हो हल्ला के बीच  सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई है।

मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के सदस्यों ने निधन के उल्लेख के बाद सदन में इस मामले को उठाया। शुरुआत में वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि विधायक को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसका वीडियो सामने आया है। विधायक की जान को  खतरा है। यह  अत्यंत गंभीर मामला है। सदन में सारी करवाई रोक कर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए। इस बीच सदन में विपक्ष के सभी सदस्य उठ खड़े हुए तथा होहल्ला शुरू हो गया।

5 मिनट के अंतराल के बाद सदन की कार्रवाई फिर से शुरू हुई तो फिर से विपक्ष के सदस्यों ने हो हल्ला शुरू कर दिया। वरिष्ठ सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी खड़े हो गए थे तो आसंदी से स्पीकर डॉक्टर महंत ने पूछा कि आप इतने वरिष्ठ सदस्य हैं। 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे हैं। आप बताइए दूसरे पक्ष को सुने बिना  आसंदी से कैसे निर्णय लिया जा सकता है। नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत है कि किसी भी मामले में सभी पक्ष को सुनकर निर्णय लिया जाए। इस पर वरिष्ठ सदस्य डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह सामान्य मामला नहीं है। आशा धन परिस्थिति है। विधायक के जान पर खतरे की बात सामने आई है। इस पर स्पीकर डॉक्टर महंत ने कहा कि विधायक ने यहां कोई कंप्लेंट नहीं की है।कंप्लेंट विपक्ष के द्वारा की गई है और मैं विपक्ष को सुन रहा हूं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार को सभी सदस्यों की सुरक्षा की चिंता है। किसी सदस्य ने अपनी सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत नहीं की है।इसमें सत्तापक्ष के सदस्य भी खड़े हो गए और वह होहल्ला बढ़ गया।

वरिष्ठ सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि वरिष्ठ और अनुभवी सदस्य ने आरोप लगाया है। आरोप यह लगाया जाएगी मुख्यमंत्री बनने के लिए हत्या की साजिश की जा रही है। इसमें दोनों पहलू की जांच कराई जानी चाहिए कि यह आरोप सही है कि नहीं। सही है तो उस पर और गलत है तो आशीष आशीष करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे षड्यंत्र का पर्दाफाश होना चाहिए।

होहल्ला बढ़ने पर पर आसंदी के द्वारा सदन की कार्रवाई भोजन अवकाश के लिए स्थगित कर दी गई।