यूनियनों की एकता के आगे नहीं चली प्रबंधन की चाल

 

भिलाई। असल बात न्यूज।

भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के वेतन को लेकर  चल रही वेतन वार्ता के छटवें दिन भी वेतन वार्ता किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई । प्रबंधन की ओर से आज पुनः प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ग्रेडेड पर्क्स के औचित्य को  समझाने की कोशिश की गई एवं इस फॉर्मेट को स्वीकार करने का आग्रह किया ।  इंटक को छोड़ सीटू सहित सभी यूनियनों ने इसे अस्वीकार कर दिया तथा स्पष्ट  रुप से बता दिया कि अधिकारियों की तरह कर्मचारियों के लिए भी मूल वेतन पर 35% पर्क्स से कम कुछ भी मंजूर नहीं है । यह जानकारी यूनियन के लोगों ने दी है।

हम समझना चाहते हैं प्रबंधन द्वारा दिया गया प्रस्ताव- इंटक 

        इंटक की ओर से कहा गया कि हम भौतिक बैठक में शामिल होकर प्रबंधन द्वारा दिए गए प्रस्ताव को  समझना चाहते हैं । उन्होंने प्रबंधन से माँग की कि सभी कर्मियों को एक जैसा पर्क्स दिया जाए जिसे समझने के बाद हम हड़ताल  का निर्णय  ले सकते हैं।

अब 30 जून को होगी सेलव्यापी  हड़ताल

  इंटक को छोड़ सभी यूनियने हड़ताल के फैसले पर अडिग हैं । सभी यूनियनों का मानना है कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच भेदभाव स्वीकार नहीं । अधिकांश यूनियनों ने कहा कि कर्मियों के अंदर रोष  का कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच भेदभाव का होना  है । दोनों के बीच अंतर तो स्वाभाविक है किंतु वेतन निर्धारित करने के लिए मानदंड एक होना चाहिए । अब 30 जून को सेलव्यापी  हड़ताल होगी  उसके बाद जुलाई में बैठक होगी 


प्रबंधन के प्रस्ताव और यूनियन की मांग में भारी अंतर

सीटू के तपन सेन ने कहा कि प्रबंधन द्वारा दिए गए फॉर्मेट पर विचार करना संभव नहीं है क्योंकि कर्मियों की मांग और प्रबंधन के प्रस्ताव में भारी अंतर है ।

संयुक्त यूनियनों ने पहले ही दी थी मैराथन मीटिंग का प्रस्ताव

 मार्च में हुए प्रदर्शन के दौरान यूनियनों ने संयुक्त रुप से प्रबंधन को यह प्रस्ताव दिया था कि लगातार बैठ कर कर अर्थात मैराथन मीटिंग के माध्यम से वेतन समझौता को अंजाम तक पहुंचाएं ।