Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026,उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में ऑर्किड, जरबेरा, गुलाब एवं अन्य खूबसूरत फूलों की खेती के बारे में किसानों को दी गई जानकारी

  *स्टॉल में उन्नत किस्मों की फसलों और फलदार पौधों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों को किया गया ...

Also Read

 



*स्टॉल में उन्नत किस्मों की फसलों और फलदार पौधों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों को किया गया प्रदर्शित

*उत्सुकता और जिज्ञासा से आगंतुकों ने जानकारी प्राप्त की

*रंगीन शिमला मिर्च, कद्दू , आम, अमरूद, विभिन्न फल एवं सब्जियों की किस्मों को देख कर नागरिक हुए चकित

रायपुर  .

असल बात news.

नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव परिसर में उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में ऑर्किड, जरबेरा, गुलाब एवं अन्य खूबसूरत फूलों की खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी गई और उन्हें आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाने के लिए फूलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उद्यान विभाग के स्टॉल में फलों एवं सब्जियों की वेरायटी उपलब्ध हैं। उत्सुकता और जिज्ञासा से आगंतुक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में उद्यानिकी एवं कृषि क्षेत्र में किसानों को उन्नत किस्मों की फसलों और फलदार पौधों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें अमरूद की लखनऊ-49 एवं इलाहाबाद सफेदा, आंवला की एनए-4 एवं एनए-7, केले की जी-9, आम की तोतापारी, मोसंबी की फूले मोसंबी, नींबू की सीडलेस एवं कागजी लाइम, बेल की लंबी एवं गोमायाशी, संतरे की नागपुरी, पपीते की रेड लेडी तथा चीकू की कालीपत्ती एवं क्रिकेट बॉल किस्में शामिल हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ी तिखुर-1 और इंदिरा अरवी-1 जैसी स्थानीय एवं उन्नत किस्मों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उन्नत किस्मों के माध्यम से किसानों को फल उत्पादन एवं विविध फसलों की खेती के नए अवसरों से परिचित कराया जा रहा है।

यहाँ मल्चिंग पद्धति से रंगीन शिमला मिर्च की खेती जिसमें पीले एवं लाल शिमला मिर्च, शिमला मिर्च-इंद्राणी, बॉम्बे रेड ओरोवेल, करेला- वीएनआर 28, फूलगोभी- गिरिजा, पत्तागोभी- पूसा अगेती, परवल- राजेन्द्र, ड्रेगन फ्रूट, लंबा बेल, गोल बेल, चालता, चकोतरा, नारियल, केला, आम, सेब बेर तथा कच्ची हल्दी व अदरक सहित सब्जियों एवं फलों की वेरायटी देखकर जनमानस विस्मित रहे। किसानों को इनकी वैज्ञानिक खेती और वेल्यू एडिशन की विधियां भी सिखाई जा रही हैं। राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग का यह स्टॉल किसानों को आधुनिक खेती और पारंपरिक विविधता से जोड़ने के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के जरिए प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।