Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम; मांगें पूरी नहीं हुईं तो चक्काजाम की चेतावनी

  सूरजपुर । जिले में जंगली हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं आज बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभा...

Also Read

 सूरजपुर। जिले में जंगली हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं आज बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभाग के घोई कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि रमकोला, घोई, भेलकच्छ, अर्चोका और घाट के आसपास के कई गांवों में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही से लोग परेशान हैं।



ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार बने खतरे के बीच ग्रामीणों को अपनी जान और खेती दोनों की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उत्पाती हाथियों को तत्काल पकड़कर तमोर पिंगला के रमकोला स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में रखा जाए।

मुआवजा के अलावा की गई कई मांग

इसके साथ ही हाथियों से फसल नुकसान पर मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 60 हजार रुपये प्रति एकड़ करने और हाथी के हमले में जनहानि होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा या प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी गई है। ग्रामीणों ने फसल नुकसान का मुआवजा 15 दिनों के भीतर किसानों के खाते में पहुंचाने के साथ पुराने मामलों की लंबित राशि भी तत्काल जारी करने की मांग की है।

अल्टीमेटम के साथ दी चक्काजाम की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के बाद भी कई किसानों का मुआवजा अटका हुआ है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन के जरिए ग्रामीणों ने शासन और वन विभाग को एक सप्ताह का समय देते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो 11 नंबर बनारस रोड पर बड़ी संख्या में लोग चक्काजाम कर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू की जाएगी।

ग्रामीणों ने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान चाहिए। फिलहाल ग्रामीणों की चेतावनी के बाद वन विभाग और प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।