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ऑनलाइन फ्रॉड का नया तरीका, सोशल मीडिया पर उपलब्ध ,नाम व प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर व्हाट्सएप संदेश भेजकर बैंक खातों से राशि हस्तांतरित करा ली, राजधानी रायपुर में महीने भर के भीतर दो बड़ी घटनाएं,कंपनियों से 02 करोड़ 93 लाख रुपये की ठगी,महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश से 05 आरोपी गिरफ्तार

  *कुल 01 करोड़ 38 लाख की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड रायपुर  . असल बात news.  छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आ रहा है और ...

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*कुल 01 करोड़ 38 लाख की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड

रायपुर  .

असल बात news. 

छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आ रहा है और यह भी महत्वपूर्ण बात है कि ऐसी ठगी दूसरे राज्यों से की जा रही है.इसमें आरोपियों के द्वारा सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो और नाम का उपयोग कर डायरेक्टर बनकर कंपनियों के खाते से लाखों रू.रुपए ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया गया. यहां के पुलिस ने ऐसे दो मामलों का पर्दाफाश किया है जिसमें महाराष्ट्र से तीन और उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ  में पता चला है कि इन दोनों प्रकरणों के आरोपियों का आपस में लिंक है. पुलिस ने प्रकरण में कार्रवाई करते हुए अभी तक एक करोड़ 38 लाख रुपए की राशि विभिन्न बैंकों में होल्ड कर दी है.

 पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी विजय राठी निवासी कमल विहार, रायपुर ने थाना टिकरापारा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह राठी बंधुस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। दिनांक 19.10.2026 से 21.10.2026 के मध्य अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके नाम एवं प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर कंपनी के एकाउंटेंट लेखराम चक्रधारी को व्हाट्सएप संदेश भेजकर बैंक खातों में राशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिया। जिस पर लेखराम चक्रधारी ने कंपनी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 93 लाख रुपये बैंक खाते में हस्तांतरित कर दिया। इस प्रकार अज्ञात आरोपी द्वारा प्रार्थी के नाम का दुरूपयोग कर 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना टिकरापारा में धारा 318(4) बीएनएस, 66 डी आई.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

 इसी तरह के दूसरे प्रकरण में  प्रार्थी ओमकार वरु ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह तेलीबांधा मैग्नेटो मॉल में स्थित ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी में मुख्य वित्त अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। किसी अज्ञात आरोपी द्वारा कंपनी के अधिकृत व्यक्ति श्री अंशुल शर्मा के नाम एवं पहचान का दुरुपयोग कर कंपनी के एकाउंटेंट बिरेश तिवारी को व्हाट्सएप संदेश भेजकर टी-के कंस्ट्रक्शन के बैंक खाते में 2,00,00,000/- (दो करोड़ रुपये) हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। उक्त निर्देशों को वास्तविक समझकर एकाउंटेंट द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, पंडरी शाखा, रायपुर स्थित कंपनी के खाते से संबंधित खाते में दो करोड़ रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिए गए। इस प्रकार अज्ञात आरोपी द्वारा नाम एवं पहचान का दुरूपयोग कर 2,00,00,000/- (दो करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी की गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 458/26 धारा 318(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

दोनों घटनाओं की गंभीरता एवं आपस में समान तरीका वारदात होने को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) श्री रॉबिन्सन गुरिया एवं पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) श्री तारकेश्वर पटेल द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट, थाना टिकरापारा एवं थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर दोनों प्रकरणों की विवेचना प्रारंभ की गई। टीम द्वारा दोनों प्रकरणों के प्रार्थियों एवं संबंधित कंपनियों के एकाउंटेंट से विस्तृत पूछताछ कर घटनाओं के प्रत्येक पहलू का बारीकी से परीक्षण किया गया।

जांच में पाया गया कि दोनों घटनाओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया था। आरोपियों द्वारा कंपनियों के अधिकृत व्यक्तियों के नाम एवं पहचान का दुरुपयोग कर उनके फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल के माध्यम से एकाउंटेंट को संदेश भेजे गए तथा बैंक खातों में बड़ी रकम हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए थे। इस आधार पर आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों एवं व्हाट्सएप प्रोफाइल का तकनीकी विश्लेषण किया गया। साथ ही ठगी की रकम जिन बैंक खातों में हस्तांतरित की गई थी, उनकी बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर संबंधित खातों एवं उनसे जुड़े अन्य बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया गया।

मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी तथ्यों के सतत विश्लेषण से दोनों घटनाओं में संलिप्त आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। जांच में थाना टिकरापारा के प्रकरण के आरोपियों को उल्हासनगर, ठाणे (महाराष्ट्र) तथा थाना तेलीबांधा के प्रकरण के आरोपियों की प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में लोकेट किया गया। 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिस की दो अलग-अलग टीमें गठित कर महाराष्ट्र के उल्हासनगर एवं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज रवाना की गईं। पुलिस टीमों द्वारा दोनों स्थानों पर पहुंचकर संबंधित बैंक, एटीएम एवं आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का संकलन कर उनका सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान एवं घटनाओं में उनकी संलिप्तता सुनिश्चित करते हुए कार्यवाही की गई।

 पुलिस टीम द्वारा महाराष्ट्र के उल्हासनगर में दबिश देकर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान एवं व्हाट्सएप प्रोफाइल का दुरुपयोग कर साइबर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया। पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी की नगद रकम 25,000/- रुपये, घटना से संबंधित 06  मोबाइल फोन, 03  एटीएम कार्ड एवं 03  पासबुक जप्त की गई हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंची पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आरोपी विनय श्रीवास्तव एवं विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 नग मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को प्रयागराज न्यायालय से जमानत पर रिहा किया गया है। उन्हें प्रकरण में अग्रिम विवेचना हेतु रायपुर लाने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही एक अन्य आरोपी को रायपुर उपस्थित होने नोटिस दिया गया है। 

*दोनों प्रकरणों में आरोपियों की आपसी संलिप्तता उजागर

 थाना टिकरापारा के प्रकरण में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की थाना तेलीबांधा में दर्ज लगभग 02 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण में भी संलिप्तता सामने आई है। इस संबंध में विस्तृत जांच एवं पूछताछ की जा रही है।

*दोनों प्रकरणों में कुल 01 करोड़ 38 लाख की राशि होल्ड

पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए बैंक कर्मियों से समन्वय स्थापित कर थाना टिकरापारा एवं थाना तेलीबांधा के प्रकरणों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 01 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि होल्ड कराई गई है, जिसमें थाना टिकरापारा के प्रकरण में 24 लाख रुपये तथा थाना तेलीबांधा के प्रकरण में 01 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि शामिल है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं जप्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के माध्यम से साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों, उनके नेटवर्क तथा ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े अन्य बैंक खातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रकरणों में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

*गिरफ्तार आरोपी (थाना टिकरापारा के प्रकरण में)

*01. आकाश कन्हैया लाल चुथ पिता कन्हैया लाल चुथ उम्र 20 साल निवासी एस.पी. पैलेस, फ्लैट नं. 08, विष्णु होटल के पास, थाना उल्हास नगर, जिला ठाणे, महाराष्ट्र 

*02. साहिल रमेश नथानी पिता रमेश नथानी उम्र 23 साल निवासी राहुल पैलेस चौथी मंजिल, फ्लैट नं. 405, साधुबेला स्कूल के पास, थाना उल्हास नगर, जिला ठाणे, महाराष्ट्र

*03. राज चन्दर लाल जुमानी पिता चन्दर लाल जुमानी उम्र 23 साल निवासी एसपी पैलेस, क्वार्टर नं. 301, विष्णु होटल के पास, उल्हास नगर, ठाणे महाराष्ट्र हाल/स्थायी पता चरण दास अपार्टमेन्ट, ब्लॉक नं. ए/99, फ्लैट नं. 209, नगर न्यूज प्रेस, थाना उल्हास नगर, जिला ठाणे महाराष्ट्र।

*गिरफ्तार आरोपी (थाना तेलीबांधा के प्रकरण में)

*01. विनय श्रीवास्तव पिता सतीश चंद्र श्रीवास्तव, उम्र 47 साल निवासी मकान नंबर 646, मीरापुर, थाना अत्तर सुइया, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

*02. विनोद कुमार पिता सुखलाल, उम्र 49 वर्ष, निवासी मकान नंबर 1024, कालीबाड़ी, मुट्ठीगंज, थाना मुट्ठीगंज, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश