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कला-प्रतिभा: प्रतिभा और रचनात्मकता का जीवंत उत्सव — सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई

  भिलाई . असल बात news.   सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में महाविद्यालय के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजनों के अंतर्गत ‘कला-प्रतिभा’ का भव्य शुभारं...

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भिलाई .

असल बात news.  

सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में महाविद्यालय के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजनों के अंतर्गत ‘कला-प्रतिभा’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का जीवंत उत्सव रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कला और साहित्यिक प्रतिभाओं का रंगारंग प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री पी. टी. उल्हास, वरिष्ठ कलाकार, सांस्कृतिक विभाग, साइंस एवं सीएचए आर, बीएसपी  तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अभिषेक सिंह, प्रमुख एवं वोकल म्यूज़िशियन, वात्सल्य स्कूल ऑफ म्यूज़िक, उपस्थित थे।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शाइनी मेंडोंस ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा को पहचानने, विकसित करने और प्रदर्शित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सपना शर्मा ने सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में टीम भावना, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य अतिथि श्री पी. टी. उल्हास ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्येतर गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभाओं को पहचानने तथा कक्षा के बाहर होने वाली विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने मधुर गायन से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा। विशिष्ट अतिथि डॉ. अभिषेक सिंह ने मानव जीवन में संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत मनुष्य को प्रेरित करने, लोगों को जोड़ने तथा मन और आत्मा को समृद्ध करने की अद्भुत क्षमता रखता है। उन्होंने अपनी भावपूर्ण गायन प्रस्तुति से उपस्थित सभी लोगों को आनंदित किया, जिसकी सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें वाद-विवाद, भाषण एवं पोस्टर निर्माण प्रमुख रहे। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे महाविद्यालय परिसर में ऊर्जा, उल्लास और रचनात्मकता का वातावरण बना दिया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रतिभागियों का प्रोत्साहन एवं समर्थन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीप्ति संतोष, विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। अंत में डॉ. जयश्री बालासुब्रमणियन ने आभार प्रदर्शन किया।

‘कला-प्रतिभा’ का यह सफल शुभारंभ सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों की एक प्रेरणादायी श्रृंखला की शुरुआत का प्रतीक रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करनेकला-प्रतिभा: प्रतिभा और रचनात्मकता का जीवंत उत्सव — सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई

सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में महाविद्यालय के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजनों के अंतर्गत ‘कला-प्रतिभा’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का जीवंत उत्सव रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कला और साहित्यिक प्रतिभाओं का रंगारंग प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री पी. टी. उल्हास, वरिष्ठ कलाकार, सांस्कृतिक विभाग, साइंस एवं CAHR, BSP तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अभिषेक सिंह, प्रमुख एवं वोकल म्यूज़िशियन, वात्सल्य स्कूल ऑफ म्यूज़िक, उपस्थित रहे।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शाइनी मेंडोंस ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा को पहचानने, विकसित करने और प्रदर्शित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सपना शर्मा ने सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में टीम भावना, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य अतिथि श्री पी. टी. उल्हास ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्येतर गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभाओं को पहचानने तथा कक्षा के बाहर होने वाली विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने मधुर गायन से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अभिषेक सिंह ने मानव जीवन में संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत मनुष्य को प्रेरित करने, लोगों को जोड़ने तथा मन और आत्मा को समृद्ध करने की अद्भुत क्षमता रखता है। उन्होंने अपनी भावपूर्ण गायन प्रस्तुति से उपस्थित सभी लोगों को आनंदित किया, जिसकी सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें वाद-विवाद, भाषण एवं पोस्टर निर्माण प्रमुख रहे। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे महाविद्यालय परिसर में ऊर्जा, उल्लास और रचनात्मकता का वातावरण बना दिया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रतिभागियों का प्रोत्साहन एवं समर्थन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीप्ति संतोष, विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। अंत में डॉ. जयश्री बालासुब्रमणियन ने आभार प्रदर्शन किया।

‘कला-प्रतिभा’ का यह सफल शुभारंभ सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों की एक प्रेरणादायी श्रृंखला की शुरुआत का प्रतीक रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के प्रति सेंट थॉमस कॉलेज की प्रतिबद्धता को भी पुनः स्थापित किया।